बनियाडंगाल तथा मधुरपुर में गहराया पेयजल संकट, नदी से पानी लाने को मजबूर हैं ग्रामीण



कुंडहित (जामताड़ा ):कुंडहित प्रखंड के भेलुआ पंचायत अन्तर्गत बेनियाडंगाल गांव में तथा गायपाथर पंचायत अन्तर्गत मधुरपुर गांव में महीनों से चापाकल खराब रहने के कारण पेयजल का संकट उत्पन्न हो गया हैं। दोनो गांव में एक ही चापाकल के भरोसे 100 परिवार की प्यास किसी तरह बुझ रही है। पानी लेने के लिए सुबह से ही लंबी कतार लगी रहती है।ग्रामीण खराब चापाकल को चंदा उठाकर कई बार मरम्मत भी करा चुकी हैं। लेकिन बार बार- खराबी व पाइप क्षतिग्रस्त होने के कारण वे तंग हो चुके हैं और मरम्मत कराना भी बंद कर दिया।ग्रामीणों ने भेलुआ के मुखिया अनिता हेंब्रम व विभागीय अधिकारी को खराब चापाकल की जानकारी देते हुए इसे दुरुस्त कराने की मांग कई बार की। पर किसी ने इसकी सुध नहीं ली। ग्रामीण अब भी मरम्मत को विभाग से आस लगाए बैठे हैं।बेनियाडंगल गांव के मोतीलाल हेंब्रम, बीरू हेंब्रम, सुदन हेंब्रम, कृष्ण हेंब्रम, परिमल हेंब्रम ने बताया गांव में तीन चापाकल है। दो चापाकल वर्षों से बंद है। बंद चापाकल को चंदा एकत्रित कर कई बार ठीक कराया गया। बार-बार खराब होने के कारण अब मरम्मत कराने छोड़ दिए हैं।बंद चापाकल को ठीक कराने के लिये मुखिया व विभागीय अधिकारी को बहुत बार जानकारी दी गई लेकिन आज तक किसी ने इस दिशा में पहल नहीं की।ग्रामीणों ने बताया गांव में एक ही चापाकल के भरोसे 100 परिवार का काम चल रहा है। पानी के लिए चापाकल के सामने इंतजार करना पड़ता है। कुछ लोग चापाकल में भीड़ देखकर गांव से दो किलोमीटर दूर हिग्लो नदी के जयपुर घाट में पानी लाने जाते है। ग्रामीणों ने उपायुक्त से इस दिशा पर पहल कर बंद पड़े चापाकलो को ठीक कराने की मांग की। पेयजल की समस्या को  लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधि भेलुवा पंचायत के मुखिया अनीता हेम्ब्रम से दूरभाष से संपर्क किया गया,लेकिन कॉल नहीं  उठाया।

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