सरकार,सेना को नदियों के घाटो,तटों पर उतारे- सरदार पतविंदर सिंह



प्रयागराज /नदियों किनारों की तस्वीर कोरोना की त्रासदी का वर्णन करने को पर्याप्त है। अनगिनत लोग मारे गए।नदियों की रेती में रामनामी के साथ दफ़न ये शव प्रमाण है कोरोना महामारी कैसी तबाही लेकर आई है की नदियों किनारे रेत के टीले इन टीलो में किसी का पिता, बेटा,माँ,बहन और पत्नी है,किसी के साथी होंगेl

युक्त विचार भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा काशी क्षेत्र क्षेत्रीय मंत्री,मंडल प्रभारी, प्रयागराज कमिश्नरी प्रभारी सरदार पतविंदर सिंह ने अपने दर्द को व्यक्त करते हुए कही नदियों के तट में रेत के बने टीले से जो शव ऊपर निहार रहे हैं उन्हें कुत्ते नोच रहे और जब जलस्तर बढेगा,बाढ़ आएगी जिससे गंगा प्रदूषित होगी तो जल आचमन करने लायक नहीं होगा जिससे तरह-तरह की नई नई बीमारी का जन्म होगा l

  सरदार पतविंदर सिंह ने आगे कहा कि इस बीमारियों से बचने के लिए सरकार को नदियों किनारे दफन शवों का जो विधि विधान से अंतिम संस्कार के लिए भारतीय सेना को बुलाना चाहिएl घाटों,तटों पर भारतीय सेना को उतार कर आने वाली विभिन्न तरह की बीमारियों से जलीय जीव-जंतु,पशु-पक्षियों के साथ ही  प्राणी मात्र को बचाने के लिए l 

भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा काशी क्षेत्र क्षेत्रीय मंत्री,मंडल प्रभारी, प्रयागराज कमिश्नरी प्रभारी सरदार पतविंदर सिंह ने कहा कि

कोरोना के संकट काल में कई ऐसे परिवार हैं जो अपने आत्मीयजनों का विधि-विधान से अंतिम संस्कार नहीं कर पाए. ऐसे परिवारों की सहायता के लिए भारतीय सेना को सरकार को आगे लाना चाहिए.जिससे  टीले में दबे हुए शवों का विधि विधान से अंतिम संस्कार व अस्थियों को सम्पूर्ण विधि-विधान के साथ अस्थियाँ विसर्जित सेना करेंl टीले में दबे शवों की अस्थियों को संकलित कर विधि-विधान से अस्थियों का विसर्जन  सेना करें.जिससे नदियों के तट  को एक बार पुनःअपने प्राचीन  स्वरूप में श्रद्धालु गण देख सकेl

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