लॉकडाउन में शराब तस्करों व संलिप्त पदाधिकारियों की कट रही चांदी



देवघर।इन दिनों कोविड-19 का संक्रमण से देश ही नहीं पूरी दुनिया में त्राहिमाम मचा हुआ है ।वही संथाल परगना का मुख्य प्रवेश द्वार कहे जानेवाला आसनसोल मंडल रेल का जसीडीह रेलवे स्टेशन है। जो इन दिनों शराब माफियाओं के अड्डे  में तब्दील हो गया है ।सर्व विदित है कि जसीडीह रेलवे स्टेशन से लगभग दिन रात में 50 ट्रेनों का परिचालन होता है। वही सुबह, और शाम जबकि रात्रि में भी चलने वाली ट्रेनों से शराब बिहार के कई स्टेशनों के माध्यम से बिहार के ग्रामीण इलाकों में शराब भेजा जाता है ।इधर शराब माफिया एवं इससे संलिप्त स्टेशन के पुलिस पदाधिकारी मालामाल हो रहे हैं। इसके लिए पुलिस पदाधिकारियों द्वारा एक नया तरकीब निकालते हुए दो मुखबीर को नियुक्त किया गया है जो शराब तस्करों से पैसा लेने के लिए मुखबीर स्टेशन के इर्द-गिर्द मंडराते रहते हैं और शराब तस्करों से पैसे की उगाही करते हैं। इस तरह पुलिस पदाधिकारी को शराब तस्कर से मुखबिर के सहयोग से हजारों रुपए की आमदनी हर एक दिन होता है ।जबकि इतना ही नहीं स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 3 के बगल में लोकल क्षेत्र के दुकानों के माध्यम से गांजा, भांग, शराब का तस्करी बड़े पैमाने पर किया जाना देखा जा सकता है। इस धंधे पर आला अधिकारियों का नजर कब पड़ेगा ।जबकि शराब पीकर मरने वालों की खबर  आये दिन  अखबारों में छपता रहता है।इसके बावजूद अंकुश नहीं लगाया जा रहा है।

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