वर्दी वालों पर माल वाला एवं गाल वाली भारी।



देवघर हम बात कर रहे हैं वार्ड नंबर 27 की जहां इन दिनों की नजारा कुछ इस प्रकार है क्या बेटी की माँ होना गुनाह है? यह एक बड़ा सवाल है पुलिस अधिकारियों से भी और समाज में रह रहे लोगों से भी। दरअसल जिस तरह से एक शिक्षित, समाज सुधारक महिला एवं वार्ड नंबर 27 की भावी पार्षद प्रत्याशी गीता यादव को विभिन्न तरीकों से प्रताड़ित किया जा रहा है। उसे देखते हुए यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी कि पुलिस अधिकारी बिकाऊ है, क्योंकि सच उनके सामने है फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। पिछले कई वर्षों से कुण्डा थाना क्षेत्र स्थित नीड्स कार्यालय के निकट स्थायी निवासी गीता यादव को गोतिया के द्वारा अश्लील गालियाँ दी जाती रही है। फिर भी वह चुपचाप सहती रहीं, जिससे गोतिया का मनोबल बढ़ता चला गया। पूरा खानदान मिलकर गीता यादव, पति जदयू जिला उपाध्यक्ष कंचन यादव एवं पुत्री छात्रा सह न्यूज एंकर पिंकी प्रेरणा को अक्सर जान मारने एवं गैंग रेप की धमकी देता है। इतना हीं नहीं किसी भी वक्त क्रूर गोतिया अचानक घर पर पथराव और गेट में धक्का मारने लगता हैं। जितनी बार घटना होती है, उतनी बार कंचन यादव के द्वारा कुण्डा थाना में आवेदन देकर अपनी पत्नि व पुत्री की सुरक्षा हेतु न्याय की गुहार लगाई जाती है। ताजा मामला मंगलवार दिनांक 11/05/2021 रात करीब 8:30 बजे की है, जब कंचन यादव की पत्नि गीता यादव व पुत्री पिंकी प्रेरणा घर में अकेली थी, तब गोतिया लालो महतो पिता- श्री गणेश महतो, गीता देवी पति-लालो महतो, कल्लू उर्फ पंकज यादव पिता- लालो महतो, मेरखी उर्फ प्रियंका देवी पिता- लालो महतो, उक्त सभी लोग उनके मेन गेट पर अचानक गालियों भरी धमकी के साथ पथराव करने लगे। गेट तोड़ने हेतु हरवे हथियार लेकर गेट में मारना शुरू कर दिया। टोकने पर और ज्यादा उग्र हो गए और कहने लगे आज तुमहारा रेप कर जला के मार देंगे। इतना सुनते हीं माँ-बेटी ने 100 पर डायल किया, कुछ देर में पुलिस पहुँची, लेकिन गाड़ी की आवाज सुनकर सब छिप गए। जिस कारण पुलिस ने माँ-बेटी की एक नहीं सुनी, बल्कि दोनों माँ-बेटी को हीं डरा धमका कर वापस चली गयी। पुलिस के वापस जाते हीं पुनः पथराव व अश्लील गालियाँ देने लगते थे।पुलिस जानते हुए भी बार बार गीता यादव से पूछती है कि आपका बेटा नहीं है क्या ? आखिरकार पुलिस क्या चाहती है कि बेटी की माँ को इसी तरह सताया जाए ? क्या कानून में लिखा है कि बेटी की माँ को न्याय का अधिकार नहीं है ? इतना हीं नहीं गोतिया ने मेन गेट का पर्दा जला दिया, घर में आग लगाने का प्रयास किया और गेट के बाहर वाली कुंडी में लगा ताला भी तोड़ कर ले गए। दोनों गेट में बारी बारी से अपने टोटो व हथियार से धक्का मार कर, जगह जगह छेद कर दिया, जिससे मुख्य गेट पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। यह सिलसिला रात्रि लगभग 1:30 बजे तक चलता रहा। बुधवार दिनांक 12/05/21 की सुबह 6:00 बजे गीता यादव ने किसी तहर कुण्डा थाना पहुंचकर आवेदन दे कार्रवाई की माँग की, तो कुण्डा पुलिस ने आवेदन लेने से इनकार कर दिया, फिर भी उन्होंने मेज पर आवेदन रख दी। महिला थाना में भी आवेदन देकर कार्रवाई की माँग की, लेकिन वहाँ कहा गया कि कुण्डा थाना जाइए। इसके बाद दोनों माँ-बेटी ने पुलिस अधीक्षक के समक्ष आवेदन दिया। शर्मिंदगी की बात है कि उन्होंने एक न्यूज एंकर की पूरी बात तक नहीं सुनी और सही गलत का फैसला कर आरोपों को बेबुनियाद ठहरा दिया। जब दोनों थाना से निराशा मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक के पास शिकायत करने गई पत्रकार को हीं उल्टा-सीधा सुना दिया गया, तो आम महिला को यह पुलिस क्या सुरक्षा प्रदान करेगी। तीन दिन बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई और इधर पीड़ित के घर रुक-रुक कर लगातार पथराव किया जा रहा है। क्या प्रशासन को रेप व हत्या जैसी अनहोनी का इंतजार है ? तीन दिन बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई न होता देख अपराधी गोतिया का मन बढ़ता जा रहा है। पंकज यादव कहता है कि कंचन यादव को आने दो तलवार से गर्दन काट देंगे, गैंग रेप करेंगे, कनपट्टी में गोली मार कर तीनों को जला देंगे। तुम आम आदमी और कोई पुलिस मेरा कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा, माल है तुम्हारे पास माल, मुख्यमन्त्री तक पहुँच है मेरा। मालूम हो कि इस घटना से पूर्व दिनांक 28/02/21 को गीता यादव के घर में लगा कॉल बेल का स्वीच और नेम प्लेट तोड़ दिया एवं दिनांक 19/04/2021 को पानी का पाईप काट दिया। आखिर कब तक पीड़ित को बेवजह अत्यातार सहनी व गालियाँ सुननी पड़ेगी?

वहीं एक होनहार छात्रा सह न्यूज एंकर पिंकी प्रेरणा का भविष्य बर्बाद करने के उद्देश्य से उसे अश्लील-अश्लील गालियाँ देती है। सबकुछ साजिश के तहत किया जा रहा है, ताकि कंचन यादव को झूठे मुकदमे में फँसा दिया जाए और उनकी पत्नि गीता यादव वार्ड पार्षद का चुनाव न लड़ सके। साथ हीं पुत्री का भी कैरियर खत्म कर दिया जाए। लालो महतो ने तीन टोटो खरीदा है और उसी टोटो को चलाकर उसका बेटा रोजी-रोटी चलाने का बहाना बनाता है। इतना हीं नहीं उन्होंने अपने घरों में दो महिलाओं को भाड़े का मकान दे कर रखा है, जिसका वह भाड़ा भी नहीं लेती है, और तो और भाड़े के मकान में रहने वाली महिला के दोनों बेटे को इन्होंने एक-एक टोटो दे रखा है। जो दिन भर दरवाजे पर खड़ा रहता है और शाम होते ही अंधेरी रातों में सुनसान राहों में एक मसीहा निकलता है। आखिरकार इसके पीछे क्या वजह है कि यह अपनी पहुंच प्रशासन, सादे पोशाक और पगड़ी वाले   तक रखती है ? इनकी मानें तो यह जो चाहे वह कर देंगे और कोई कुछ नहीं बिगड़ पाएगा। हम जल्द ही इसका खुलासा करेंगे, लेकिन प्रशासन जवाब दे कि वह कहाँ फँसी हुई है और सादी पोशाक क्या चाहते हैं ? महिलाओं के साथ इतना अत्याचार देखते हुए और सबूत मौजूद रहते हुए भी आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसका अर्थ क्या समझा जाए ?

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