लॉक डाउन के दौरान प्रतिबंधित दुकान खोलने पर दुकानदार को थाने लेकर वसूला जुर्माना



सारठ : स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह को लेकर 27 मई की सुबह तक लागू लॉक डाउन अवधि में प्रतिबंधित दुकान खोलने के आरोप में शुक्रवार को थाना प्रभारी द्वारा कड़ा रुख अख्तियार किया गया। बताया गया कि थानेदार करुणा सिंह ने सुबह 10 बजे के करीब सारठ बाजार क्षेत्र में कई प्रतिबंधित दुकानों को खुला देख संबंधित दुकानदारों को पुलिस जवानों के सहयोग से उठाकर थाने ले आई। वहीं बीडीओ सह प्रभारी सीओ साकेत कुमार सिन्हा को थाने बुलाकर सभी दुकानदारों से जुर्माना लेने की बात कही। जिसके बाद सभी दुकानदारों से एक-एक हजार जुर्माना वसूला गया। थाना प्रभारी द्वारा  सभी दुकानदारों को दो टूक कहा गया कि लॉक डाउन के दौरान प्रतिबंधित दुकानें खोलने पर वरीय अधिकारियों द्वारा सीधे एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया गया है। ऐसे में एक बार सभी को जुर्माना लेकर छोड़ा जा रहा है, लेकिन आगे से नियमों का अनुपालन नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई की जायेगी। इस दौरान मौके पर पहुंचे बीडीओ भी थानेदार के ही हां में हां मिलाते दिखे और उक्त दुकानदारों से 8100 सौ रुपये जुर्माना वसूला गया। वहीं थाना प्रभारी द्वारा कृषि से संबंधित उपकरण के दुकानदार सुरेश रवानी व चिंटू सिंह को भी उठाया गया था। लेकिन उक्त दोनों दुकानदारों ने जब कहा कि कृषि से संबंधित उपकरण के दुकान को खोलने की मनाही नहीं है। तो उनसे बिना जुर्माना लिये ही छोड़ दिया गया। इधर जुर्माना देने में आनाकानी कर रहे दुकानदारों का कहना था कि उनलोगों द्वारा प्रतिदिन सिर्फ झाड़ू-पोंछा व अगरबती जलाने के लिए दुकान को खोला गया था। लेकिन फिर भी पुलिस द्वारा अनावश्यक परेशान किया जाता है। फाइन भरने वाले दुकानदारों ने कहा कि लॉक डाउन में प्रतिबंधित दुकानें नहीं खुलने की जानकारी सभी ग्राहकों को भी है और ग्राहक भी लॉक डाउन में नहीं आते है। लेकिन दुकान बंद रहने से चूहे भी काफी नुकसान पहुंचाते है और काफी क्षति दुकानदारों को ही उठाना पड़ता है। ऐसे में यदि चूहों के प्रकोप से बचने के लिए कुछ देर दुकान को साफ-सफाई के लिए खोलते हैं, तो पुलिस परेशान करती है और बंदी में जुर्माना भरना पड़ता है। उक्त दुकानदारों ने पुलिस के रवैये पर नाराजगी भी जताई। मौके पर एएसआई अमरेश सिंह, दुकानदार अजीत वर्मा, राजकिशोर पंडित समेत अन्य मौजूद थे।

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