टेंपो चालकों में सवारी नहीं मिलने से छाया मायूसी



देवघर।सर्व विदित है कि कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकथाम के लिए एवं उपचार के लिए राज्य सरकार द्वारा द्वारा गाइडलाइन जारी करने से आम और खास लोगों में परेशानी तो बढ़ ही गई है ।वही जसीडीह रेलवे स्टेशन से देवघर ,बास्की नाथ ,सारठ आदि क्षेत्रों में सवारियों को लेकर टैंपू का परिचालन होता है ।इस वजह से देवघर के आसपास इलाकों के लगभग 2 से ढाई हजार टेंपो मालिक और ड्राइवर का जीविकोपार्जन होता है ।लेकिन कोरोना वायरस के चेन को ब्रेक करने के लिए स्वस्थ सुरक्षा सप्ताह के तीसरे दौर में ई पास को लेकर टेंपो चालकों में मायूसी छा गया। अंतर राज्य जाने की बात तो छोड़ दीजिए ।अपने राज्य में सवारी को ले जाने में बहुत बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है। जसीडीह से देवघर एक ट्रिप भी सवारी लेकर नहीं जा पाते हैं। जिस वजह से हम सभी को इस कोरोना वायरस के संक्रमण काल में काफी फजीहत का सामना करना पड़ रहा है ।वहीं सरकार की ओर से किसी भी तरह का सुविधा इस संक्रमण काल में नहीं दिया जा रहा है। इतना ही नहीं प्रशासन द्वारा मास्क लगाने को लेकर फाइन किया जाता है। जबकि सोशल डिस्टेंस का मेंटेनेंस एवं सरकार के दिए गए गाइडलाइन का अनुपालन किया जा रहा है ।इधर ट्रेनों से सवारी ही नहीं उतरते हैं अगर मिलता हैं ।अंतर राज्य शहर  बांका, साहिबगंज, कटोरिया, चांदन ,बास्की नाथ, दुमका आदि का सवारी भी मिलने के बावजूद भी हम लोग नहीं जा पाते हैं ।वही टेंपो चालकों ने यह भी सरकार से आग्रह किया कि दिल्ली के तर्ज पर हम सभी टेंपो चालकों को भी इस कोरोना काल में सहयोग करें अन्यथा हम लोग भूखे मर जाएंगे।

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