डीजल, पेट्रोल और सरसों तेल बिगाड़ दिया है घर घर का मेल



देवघर।सर्व विदित है की 2020 के 22 मार्च को जनता कर्फ्यू लगाया गया था। उसके बाद 23 मार्च से पूरे देश में ही नहीं दुनिया में कोरोना वायरस के संक्रमण से त्राहिमाम मच गया था। इधर कोरोना संक्रमण पर ब्रेक लगाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा यातायात व्यवस्था पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया। वही कल कारखाने भी बंद हो चुका था। इतना ही नहीं कोरोना संक्रमण से बचने के लिए मजदूर पैदल ही अन्य प्रांतों से 10 से 15 दिनों में अपने राज्य आ चुके थे। लेकिन दुर्भाग्य ही है की देश मे फिर से मार्च महीने के अंतिम सप्ताह से कोरोना संक्रमण की भयावह स्थिति उत्पन्न हो गया ।यातायात बाधित होने से डीजल पेट्रोल और सरसों के तेल ने घर-घर का मेल बिगाड़ कर रखी है ।वहीं डीजल ₹87 प्रति लीटर पेट्रोल ₹90 प्रति लीटर इधर खाद्य पदार्थ के दामों में काफी उछाल आ गया। जबकि सरसों तेल ₹200 प्रति लीटर की दर से बिक रहा है ।वहीं शहरी क्षेत्र ग्रामीण क्षेत्र के सभी वर्ग के  लोग बेरोजगार हो चुके हैं। वहीं सरकार की ओर से निशुल्क 5 किलो अनाज दिया जा रहा है ।जो पुरानी कहावत जो ऊंट के मुंह में जीरा का फोरन साबित हो रहा है ।जो उचित नहीं है  सरकार को सबसे पहले डीजल ,पेट्रोल और सरसों तेल के अतिरिक्त खाद्य पदार्थों के किमतो पर नियंत्रण करना चाहिए ।नहीं तो कोरोना वायरस के संक्रमण से तो कम ही लोग मर रहे हैं ।लेकिन भूख से मरने वालों की संख्या अधिक होने की संभावना बनती जा रही है।

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