चाय उत्पादन जलवायु परिवर्तन के प्रति संवेदनशील है: डॉ. प्रदीप



देवघर : हर साल, 21 मई को, संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय चाय दिवस मनाता है जिसका संकल्प 2019 में संयुक्त राष्ट्र खाद्य और कृषि संगठन द्वारा अपनाया गया था। मौके पर स्थानीय विवेकानंद शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा संस्थान के केन्द्रीय अध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार सिंह देव ने कहा- अंतर्राष्ट्रीय चाय दिवस 2005 से दुनिया के प्रमुख चाय उत्पादक देशों जैसे श्रीलंका, भारत, इंडोनेशिया, वियतनाम, बांग्लादेश, नेपाल, केन्या, मलेशिया, मलावी, युगांडा और तंजानिया में मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य वैश्विक चाय व्यापार के प्रभाव के बारे में नागरिकों, सरकारों का ध्यान आकर्षित करना है। इस दिन का मुख्य लक्ष्य चाय के सतत उत्पादन को बढ़ावा देना और गरीबी और भूख से लड़ने के लिए जागरूकता बढ़ाना है। खाद्य और कृषि संगठन के तहत संचालित चाय के अंतर सरकारी समूह ने 2015 में अंतर्राष्ट्रीय चाय दिवस की अवधारणा का प्रस्ताव रखा था। चाय उत्पादन जलवायु परिवर्तन के प्रति संवेदनशील है। चाय का उत्पादन केवल कृषि-पारिस्थितिक परिस्थितियों में ही किया जा सकता है। बहुत सीमित देश हैं जो चाय का उत्पादन करते हैं। इसलिए, चाय उत्पादक देशों को अपने चाय उत्पादन के साथ जलवायु चुनौतियों को एकीकृत करना चाहिए। यह अंतर्राष्ट्रीय चाय दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य है। भारत चीन के बाद दूसरा सबसे बड़ा चाय उत्पादक देश है। साथ ही, भारत दुनिया में चाय का सबसे बड़ा उपभोक्ता है। भारत वैश्विक चाय उत्पादन का लगभग 30% खपत करता है। चाय हमें ताजगी देने के साथ और भी बहुत कुछ दे सकती है। ग्रीन टी को ऑक्सीडाइज नहीं किया जाता, जिसके चलते इसकी पत्तियों में इलेक्ट्रॉन की संख्या ज्यादा होती है। ये इलेक्ट्रॉन हमारे बालों को शाइन देते हैं। अगर हमारी आंखें थोड़ी सूजी हुई हैं, तो इस्तेमाल किए हुए दो टी बैग हमारी समस्या हल कर सकते हैं। स्ट्रेस, एलर्जी, ज्यादा शराब पीने या हार्मोनल चेंज की वजह से आंखों में सूजन हो सकती है। लेकिन चाय में मौजूद कैफीन, सूजी हुई खून की नसों को स्किन में दबा देगी और हमारी आंखें पूरी तरह ठीक हो जाएंगी। अगर हमारे घर में कारपेट गंदा है, तो चाय की मदद से हम उसे भी अच्छे से साफ कर सकते हैं। थोड़ी-सी खुली चाय लेकर और उसे कारपेट पर हल्की-सी परत के रूप में फैलाते हुए केतली से उसके ऊपर थोड़ा-सा पानी डालकर कारपेट में घिसने कारपेट की धूल और गंध दूर हो चुकी होगी। चाय की पत्ती में पाया जाना वाला टैनिक एसिड गुलाब के रंग को और सुंदर कर देता है। इस्तेमाल किए गए टी-बैग को फाड़ें और गुलाब की जड़ के चारों ओर बिखेर दें। यह पेड़ की जड़ों से मिलकर फूलों को काफी सुंदर बना देती है।

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