काजी नजरुल इस्लाम की 122वी जयंती पर किया गया माल्यार्पण व दिया गया श्रद्धांजलि।



कुंडहित(जामताड़ा)बुधवार को कुंडहित प्रखंड क्षेत्र के अम्बा गांव के हाटतला के लाइब्रेरी में देर शाम को विद्रोही कवि काजी नजरुल इस्लाम के जयंती के अवसर पर माल्यर्पण एवं श्रद्धांजलि अर्पित किया गया।मौके पर बबुआ चक्रवर्ती ने काजी नजरुल इस्लाम के कविता - यदि बांशी आर ना बाजे,इस कविता में काजी नजरुल इस्लाम के आत्माजीवनी को दर्शाया गया है।साथ ही उपस्थित लोगों ने काजी नजरुल इस्लाम के जीवनी के बारे में बताया।मौके पर प्रदीप पैतन्डी,बबुआ चक्रवर्ती, मधुसूदन चक्रबर्ती, सुनील ठाकुर,संतोष ठाकुर,भोलानाथ ठाकुर,देवराज लायक,बंशी लायक आदि मौजूद थे।

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