जिले के सभी छोटे-बड़े उद्योग व स्थानीय स्तर पर बनने वाले सामग्रियों को Deoghar Mart से जोड़ने की प्रक्रिया को दें गतिः- उपायुक्त



उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी  मंजुनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में लघु कुटीर उद्योग के तहत किये जा रहे कार्यों एवं पेड़ा व्यवसाय को जीआई टैगिंग को लेकर किये जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक का आयोजन समाहरणालय सभागार में किया गया। इस दौरान उपायुक्त ने पूर्व में दिये गये दिशा-निर्देश के अनुपालन को लेकर किये जा रहे कार्यों की बिन्दुआर समीक्षा करते हुए लघु कुटीर उद्योग के जिला समन्वयक व प्रखण्ड समन्वयकों को निदेशित किया कि जीआई टैग से जुड़ी प्रक्रियाओं को जल्द से जल्द पूर्ण करें, ताकि बाबा बैद्यनाथधाम के पेड़ा को जीआई टैग से जोड़ा जा सके। 

इसके अलावे बैठक के दौरान उपायुक्त  मंजूनाथ भजंत्री ने पतल से बनने वाले दोना, थाली, प्लेट व अन्य सामग्रियों को स्थायित्व, टिकाउपन, लिकप्रूफ बनाने की आवश्यकताओं पर चर्चा करते हुए संबंधित अधिकारियों व कर्मियों को निदेशित किया कि इन सामग्रियों के भी बेहतर रूप से बनाने के उदेश्य से बेहतर कार्य योजना बनाकर कार्य करने की आवश्यकता है, ताकि थर्मोकाॅल व प्लास्टिक के जगह पतल से बने सामानों का उपयोग लोग कर सकें। साथ हीं बैठक के दौरान उपायुक्त द्वारा जानकारी दी गयी कि जल्द ही Deoghar Mart के नाम से ऑनलाइन प्लेटफार्म को विकसित किया जा रहा है। जहाँ देवघर जिला अंतर्गत कई तरह के लघु एवं कुटीर उद्योग यथा- पेड़ा उद्योग, लोहारगिरी उद्योग, मिट्टी के बर्तन निर्माण, सिलाई-कढ़ाई, बंबू उद्योग, लाह चुड़ी व लहठी उद्योग, जेएसलपीएस की दीदियों द्वारा निर्मित समान के अलावा स्थानीय लोगों द्वारा निर्मित सामानों को सूचीबद्ध किया जाएगा। साथ ही विक्रय हेतु सामानों को बेहतर करते हुए उनके गुणवत्ता में सुधार एवं उनके बाजारीकरण की व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए इन उद्योगों को राज्य, देश के साथ-साथ विश्व स्तर पर ख्याति दिलाने का प्रयास किया जाएगा। ऐसे में आवश्यक है कि आप सभी जमीनी स्तर पर कार्य करते हुए स्थानीय लोगों द्वारा बनाये जा रहे सामग्रियों को चिन्ह्ति करते हुए देवघर मार्ट से जोड़ने की प्रक्रिया को गति दें।

समीक्षा के क्रम में उपायुक्त  मंजूनाथ भजंत्री ने जिला अंतर्गत संचालित उद्योगों के बेहतरी हेतु जिला स्तर पर समिति के सदस्यों को निदेशित किया कि बेहतर समन्वय व संबंधित दुकानदारों को एवं उद्योग से जुड़े लोगों को जागरूक कर छोटे-बड़े विभिन्न उद्योगों का सर्वेक्षण करते हुए उन उद्योगों के संचालन में आ रही समस्याओं का जिला स्तर से निदान करते हुए उनको बेहतर सुविधा मुहैया कराने में सहयोग करें। साथ हीं देवघर जिलान्तर्गत संचालित सभी उद्योगों को विश्वपटल पर लाने एवं निर्यात को बढ़ावा देने के दिशा में समिति द्वारा बेहतर कार्य किया जाय ताकि जिले एवं राज्य का नाम के साथ-साथ इन उद्योगों से जुड़े हुए लोगो को भी आर्थिक रूप से सुदृढ़ और सशक्त किया जा सके। इसके अलावे उपायुक्त ने जीआई टैगिंग को लेकर पेड़ा उद्योग के छोटे-बड़े व्यवसायियों को जागरूक करते हुए जीआई टैगिंग के फायदों से अवगत करायें, ताकि जल्द से जल्द इस कार्य को पूरा किया जा सके।

■ क्लस्टर विकास पर दे विशेष रूप से ध्यानः-उपायुक्त....

उपायुक्त ने लघु-कुटीर उद्योग की समीक्षा के दौरान क्लस्टर विकास कार्यक्रम के समुचित क्रियान्वयन किए जाने के निर्देश दिया। साथ हीं इसके अंतर्गत क्लस्टर में कार्यरत इकाईयों के लिए सामान्य सुविधा केन्द्रों की स्थापना की जाए, अधोसंरचना का निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण किया जाए और जिलों में मार्केटिंग हब को लेकर किये जाने वाले कार्यों को जमीनी स्तर पर क्रियान्वित करें।    

■ परम्परागत कार्यों को बढ़ावा देंः-उपायुक्त....

बैठक के दौरान उपायुक्त  मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि जिले की आवश्यकता के अनुरूप लोहार, बढ़ाई, कारीगर, कुम्हार, बम्बू, आदि परम्परागत कार्यों को बढ़ावा दिया जाए। इसके लिए संबंधितों को प्रशिक्षण देकर व्यवसाय स्थापना में उनका पूरा सहयोग किया जाए। उन्हें बाजार भी उपलब्ध कराया जाए। 

इस दौरान उपरोक्त के अलावे डीपीएम जेएसएलपीएस  प्रकाश रंजन, सहायक जनसम्पर्क पदाधिकारी  रोहित कुमार विद्यार्थी, लघु कुटीर उद्योग के जिला समन्वयक  नीरज कुमार, विभिन्न प्रखण्डों के प्रखण्ड उद्यमी समन्वयक के साथ-साथ संबंधित विभाग के अधिकारी व कर्मी आदि उपस्थित थे।   

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