कंप्यूटर शिक्षकों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ज्ञापन सौंपा



देवघर।झारखंड राज्य में आईसीटी योजना के तहत विभिन्न जिलों के उच्च एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत सभी कंप्यूटर शिक्षकों ( आईसीटी इंस्ट्रक्टर ) अपनी सेवा को स्थाई कराने के संबंध में हाल ही में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं मंत्री हफीजुल अंसारी से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा।ज्ञापन में जिक्र है कि कम्प्यूटर शिक्षकों को आउटसोर्सिंग से हटा करके सरकार अपनी ओर से सेवा बहाल करें। ज्ञात हो कि आईसीटी योजना के तहत आउटसोर्सिंग के माध्यम से कंप्यूटर शिक्षकों( आईसीटी इंस्ट्रक्टर) की बहाली सन 2017 में की गई है जिसका करार 2022 में समाप्त हो रहा है इस कारण सभी कंप्यूटर शिक्षकों (आईसीटी इंस्ट्रक्टर ) का भविष्य अंधेरे के  गर्त में जाता प्रतीत हो रहा है।वही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ज्ञापन के प्रत्युत्तर में कहा कि यह सारी योजनाएं भारत सरकार की योजनाएं होती है जिसका निर्वहन बाद में राज्य सरकार को करना पड़ता है। लेकिन हम अपने स्तर से प्रयास करेंगे उन्होंने यह भी जानना चाहा कि आप सभी की संख्या राज्य में कितनी है इस बाबत कंप्यूटर शिक्षकों द्वारा बताया गया वर्तमान में हमारी संख्या 1732 है कंप्यूटर शिक्षकों ( आईसीटी इंस्ट्रक्टर) ने सरकार से यह विनती की कि उनकी सेवा को स्थाई कर दिया जाए तथा उन्हें भी एक सम्मानजनक वेतन दिया जाए ताकि उसका आउटसोर्सिंग कंपनियों के माध्यम से शोषण ना हो सके बताते चलें कि कंप्यूटर शिक्षकों (आईसीटी इंस्ट्रक्टर ) की बहाली सरकार ने उस समय किया था जब राज्य के सभी उच्च एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों का घोर अभाव था इस परिस्थिति में कंप्यूटर शिक्षकों ( आईसीटी इंस्ट्रक्टर) ने न केवल छात्र-छात्राओं को कंप्यूटर की शिक्षा दी बल्कि मल्टीमीडिया कंटेंट की सहायता से सभी विषयों को जिम्मेदारी पूर्वक पढ़ाने का प्रयास किया वर्तमान परिदृश्य में जब कोविड-19 का कहर जारी है इस समय भी कंप्यूटर शिक्षकों( आईसीटी इंस्ट्रक्टर) ने e-contents  के माध्यम से ना केवल ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन किया बल्कि ऑनलाइन गूगल फॉर्म के माध्यम से उनकी जांच परीक्षाएं भी ली इसके अतिरिक्त कंप्यूटर शिक्षक ( आईसीटी इंस्ट्रक्टर) स्कूल में कई प्रकार के ऑनलाइन और ऑफलाइन कार्यों के निर्वहन में भी अपनी भूमिका बेहतरीन तरीके से निभा रहे हैं इन सभी सेवाओं के बदले कंप्यूटर शिक्षकों( आईसीटी इंस्ट्रक्टर) को केवल ₹9000 मासिक वेतन के रूप में मिलता है  वेतन कम होने के कारण कंप्यूटर शिक्षक ( आईसीटी इंस्ट्रक्टर) ना तो सम्मान पूर्वक जीवन बसर कर पा रहे हैं और ना ही अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दे पा रहे हैं कंप्यूटर शिक्षकों के लिए सबसे चिंता का विषय यह है कि 2022 के बाद उनके भविष्य का क्या होगा जो चिंता बहुत ही लाजमी भी है कंप्यूटर शिक्षक ( आईसीटी इंस्ट्रक्टर) सरकार से यह उम्मीद करते हैं कि वे उनकी समस्याओं पर गहनता से विचार करते हुए उनकी मांगों को स्वीकार करेंगे उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार हमारी मांगों को मान लेती है तो हम उन्हें आश्वस्त करते हैं कि हम अपनी कर्तव्यनिष्ठता से विद्यालय में अपेक्षित सहयोग करते रहेंगे बताते चलें कि कंप्यूटर शिक्षा आज के युग में बहुत ही जरूरी है और वर्तमान परिदृश्य में कंप्यूटर के अभाव शिक्षा व्यवस्था के संचालन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है सरकार कंप्यूटर शिक्षकों  (आईसीटी इंस्ट्रक्टर )की सेवा बहाल करती है या नहीं यह तो बाद की बात है लेकिन यह तय है यदि कंप्यूटर शिक्षकों ( आईसीटी इंस्ट्रक्टर) की सेवा बहाल नहीं होती है तो वर्तमान में शिक्षा व्यवस्था का संचालन पूरी तरह ठप पड़ना लगभग तय है।

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