फर्ज निभाते निभाते शहीद हुईं कोरोना योद्धा

 


देवघर -कोरोन के खिलाफ विकराल युद्ध में पूरा स्वास्थ्य विभाग अपनी जान की बाजी लगा कर अग्रिम पंक्ति तक  काम में लगे हुए हैं। ऐसी ही एक योद्धा थीं सैयदा खातून।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सारठ में एएनएम के पद पर कार्यरत थीं और लोगों को बचाने के लिए कोरोना वैक्सीन देने में लगातार ड्युटी पर लवी हुयी थी।वैक्सीन देकर सैकड़ों लोगों को इन्हौने सुरक्षित तों कर दिया लेकिन खुद को नहीं बचा सकी । लक्षण आने पर 15/04/21 को आरटीपीसीआर टेस्ट कराया रिपोर्ट पोजीटिव आया था।इस बीच वह गंभीर रूप से बीमार हो गईं थीं।

सारठ, देवघर होकर दुर्गापुर तक इलाज कराया लैकिन मंगलवार की रात को इलाज के क्रम में उनकी मृत्यु हो गई  वो अपने पीछे पति और आठ दस साल की बच्ची को छोड़ गई ।इस घटना से सारठ सहित पूरा स्वास्थ्य विभाग भयाक्रांत और मर्माहत है । उनकेे परिवार सहित विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहा है ।

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ जियाउल हक के नेतृत्व में सभी कर्मियों एवं पदाधिकारियों ने मृतक के आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा। प्रभारी द्वारा सबों से अपनी सुरक्षा बरतते हुए सावधानी पूर्वक काम करने का अनुरोध किया ।

वहीं चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष सह सारठ के लैब टेक्नीशियन मनोज कुमार मिश्र ने शोक व्यक्त करते हुए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से मांग किया कि यह एक अपुरणीय क्षति है उन पर आश्रित लोगों के पालन पोषण हेतु निर्धारित पच्चास लाख की बीमा राशि के भुगतान हेतु सिविल सर्जन के माध्यम से विभाग को अपनी अनुशंसा भेजें और उनके परिवार के लोगों को विधिवत अनुकंपा पर अविलंब नियुक्त किया जाय ।

वहीं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के द्वारा कहा गया कि जल्द ही उसके बीमा भुगतान सहित अनुकंपा पर आश्रित के नियुक्ति संबंधित दस्तावेज विभाग को अपनी अनुशंसा के साथ भेजा जाएगा ।

No comments