सियालसोली गांव में चार दिवसीय भागवत कथा हुआ समापन।

 


कुंडहित( जामताड़ा ):प्रखंड के सियारसूली गांव में माँ अन्नपूर्णा मंदिर में चार दिवसीय भागवत कथा शनिवार को संपन्न हो गया। भागवत  कथावाचक सुशील चक्रवर्ती महाराज व उनके सहयोगी ने भगवान कृष्ण की जन्म एवं विभिन्न अवतार, परीक्षित राजा का जन्म व मृत्यु, रुक्मणी विवाह,पांडवों की रक्षा, कपिल मुनि प्रसंग, आदि प्रसंग में विस्तार पूर्वक व्याख्यान किया। कथा वाचक श्री चक्रवर्ती ने कहा हमें हमेशा जीवो के प्रति दया भावना रखना चाहिए। हर जीवो के शरीर में भगवान का निवास है। गौ माता के लोम लोम में भगवान श्री कृष्ण का निवास है। मनुष्य को अच्छे कर्म का फल अच्छा व बुरा कर्म का फल बुरा मिलता है। कलयुग में पाप का विनाश हाथों-हाथ मिल जाता है। इसलिए हमें अहिंसा, हत्या, अत्याचार, लालच आदि कुकर्म को छोड़कर भगवान की चरणों में सेवा करना है। भगवान की सेवा करने वालों को मुक्ति मिलती है। भगवान की भक्ति ही एकमात्र मोक्ष का रास्ता है। कथा वाचक श्री चक्रवर्ती ने उपस्थित भक्तों को कथा के माध्यम से जानकारी देते हुए कहा श्रोताओं को मनुष्य बनने का ज्ञान दिया और बताया कि जिनमें मांस भक्षण, मदिरापान, जुआ जैसे दुव्यर्सन हैं। वे मनुष्यों की श्रेणी में आने योग्य नहीं है। जो हाथ मांस भक्षण करते हैं वह हाथ से भगवान की पूजा योग्य नहीं है। उन्होंने उपस्थित श्रोताओं को मन से भगवान की भक्ति और सेवा की भावना रखने की बात कही। जब तक मन में भक्ति नहीं होगा तब तक मनुष्य लालच से बाहर नहीं आएंगे भागवत कथा सुनने के लिए सियारसूली के अलावे शालदहा,चन्द्रबाद,अंबा,रामपुर, गड़शिमुला सहित दर्जनों गांव के भक्तों उपस्थित होकर भगवान की लीलाओं को श्रवण किया जबकि आयोजक मंडली सहयोग से कार्यक्रम सफल हुआ।

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