लाख करो चतुराई करम में लिखा मीटे नहीं भाई

 


सरकार के आदेशानुसार इन दिनों झारखंड में स्वस्थ सुरक्षा पखवारा चलाया जा रहा है। लेकिन कवियों का लिखा "लाख करो चतुराई करम मे लिखा नहीं मिटे भाई" सार्थक सिद्ध होता प्रतीत हो रहा है ।बताते चलें कि जसीडीह रेलवे स्टेशन के रेलवे साइडिंग पर मजदूरों द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग एवं मास्का, सैनिटाइजर का प्रयोग नहीं किया जा रहा है। आसपास के हजारों मजदूर जसीडीह रेलवे साइडिंग पर रेक पॉइंट से माल उतार कर ट्रक में लोड करते हैं। वही लोड करते समय धुल  बृहद पैमाने पर उड़ते हैं ।रेक पॉइंट पर किसी भी तरह का स्वास्थ्य सुरक्षा पखवारा का प्रभाव नहीं पड रहा है। ना तो यहां ठेकेदारों के द्वारा साफ सफाई पर ध्यान दिया जाता है ।ना ही रेलवे द्वारा साफ सफाई का व्यवस्था किया जाता है। इतना ही नहीं रेलवे साइडिंग पर हजारों मजदूरों के लिए पेयजल की व्यवस्था है। वही साइडिंग में सैकड़ों ट्रक चलते हैं जिस वजह से रेलवे साइडिंग के आसपास के क्षेत्रों ने भारी मात्रा में धूल फैला रहता है। कोरोना संक्रमण फेलने का मुख्य स्रोत जसीडीह रेलवे स्टेशन का रेक पॉइंट होने की संभावना बाज नहीं हो सकता है।

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