मानव जन्म दुर्लभ है, इसे व्यर्थ ना गवाएं ,प्रभु का चिंतन मनन करें --चंद्रावली।



नाला (जामताड़ा)--  यह बातें गोपालपुर ग्राम सोलाना द्वारा आयोजित 24 प्रहर हरिनाम संकीर्तन के दौरान भगवान श्री कृष्ण की विभिन्न लीलाओं का वर्णन के क्रम में कीर्तनिया चंद्रावली साधु ने कही। मालूम हो कि इस दौरान श्री गुरु कीर्तन संप्रदाय की मशहूर कीर्तन कलाकार चंद्रावली साधु ने शुक्रवार देर रात को प्रभु श्यामानंद अद्वैत्व आचार्य का जन्म वृतांत वर्णन के दौरान कही। इस दौरान उन्होंने भगवान श्री कृष्ण की विभिन्न लीलाओं का वर्णन करते हुए लोगों को निरंतर भगवान का मनन चिंतन करने का संदेश दिया।कहा कि मानव  जन्म बहुत ही दुर्लभ है । 84 लाख योनि भ्रमण के पश्चात यह मानव जन्म होता है,इसलिए इसे व्यर्थ ना गवाएं। कहा कि मोक्ष प्राप्ति करने हेतु ईश्वर का सर्वदा मनन चिंतन करना चाहिए। ईश्वर प्रेम का पुजारी होता है ईश्वर को समर्पण भाव से आराधना करने से मानव का सभी क्लेश दूर हो जाता है।कहा कि कलयुग में भगवान श्री कृष्ण का नाम ही एकमात्र मोक्ष का साधन है। मालूम हो कि इस धार्मिक अनुष्ठान को  लेकर पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना हुआ है। कार्यक्रम के सफल आयोजन में ग्राम सोलोआना के सभी सदस्यों की सक्रिय भूमिका रही


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