सब्जियां थाली से गायब दिल खोलकर रुला रहा है फल



इन दिनों पूरे भारत में कोरोना एक चुनौती बना है। वहीं दूसरी ओर फल और सब्जियां के विक्रेता इसे अपना मौका का समझ बैठे हैं। जबकि सरकार ने खाध्य सामग्री की दर तो निश्चित कर दी है ।लेकिन फल और सब्जियां पर सरकार का नियंत्रण नहीं है। विक्रेता की मनमानी रुक नहीं रहा है। वही ग्राहक है कि आंसू बहा ने पर विवश हैं ।वही शहरों में रमजान के साथ फलों की आवाज कम होने की वजह से फलों का कीमत दुगना हो गया ।जो फल सप्ताह के पहले ₹70 बिक रहा था ।अब ₹200 हो गया। बाजारों में अंगूर ₹120 सेव ₹200 संतरा डेढ़ सौ रुपए प्रति किलो के हिसाब से बिक रहे हैं। इधर केला ₹30 प्रति दर्जन से बढ़कर ₹70 प्रति दर्जन हो गए हैं। वही सब्जी भी फलों से कम नहीं है। आलू और प्याज को छोड़कर सारी सब्जियां 40 से ₹45 प्रति किलो से कम नहीं हो रहा है। परवल 60 से ₹70 शिमला मिर्च की एक सौ रुपए प्रति किलो बिक रहे हैं। लॉकडाउन के पहले सारी सब्जियां 15 से ₹20 प्रति किलो बिक रहे थे। लॉकडाउन में दुकानदारों की मनमानी सातवें आसमान पर है। इस ओर प्रशासन का ध्यान नहीं है। वहीं आम जनता को फल तो नसीब नहीं है ।जबकि थाल से सब्जियां भी गायब हो रहे हैं। अमूमन इस परिस्थिति में लोग कैसे जिएंगे यह आने वाला समय ही बताएगा। फल विक्रेता हो या सब्जी विक्रेता सरकार द्वारा दिए गए गाइडलाइन का अनुपालन भी नहीं करते दिख रहे हैं।

No comments