झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष-सह-मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने झारखंड के सभी जिला अध्यक्षों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की।



देवघर, 24 अप्रैल शनिवार: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष-सह-मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने झारखंड के सभी जिला अध्यक्षों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की। इस बैठक में डॉ उरांव ने कोविड-19 महामारी से बचाव संबंधी जिला वार समीक्षा के दौरान देवघर जिला अध्यक्ष मुन्नम संजय से जिले में अब तक उपलब्ध स्वास्थ्य व्यवस्था पर समीक्षा की। जिले में आइसोलेशन वार्ड,आई.सी.यू, वेन्टीलेटर,साधारण बैड की संख्या तथा अस्पताल की व्यवस्था एवं वैक्सीनेशन, रेमेडिसीविर,आवश्यक दवाइयाँ, ऑक्सीजन सिलेंडर आदि के संबंध में जानकारी लेते हुए निर्देशित किया कि सभी जिला अध्यक्ष अपने-अपने उपायुक्त एवं सिविल सर्जन से समन्वय स्थापित कर इस महामारी से निजात पाने में अपना सहयोग प्रदान करें। केंद्र सरकार द्वारा इस महामारी में राज्य की जनता को राज्य सरकार के भरोसे छोड़ दिया गया है। ऐसी परिस्थिति में हमारा कर्तव्य बनता है कि हम अपनी पूर्ण भागीदारी के साथ इस माहवारी का मुकाबला करें। राज्य के भांति जिले में भी हेल्पलाइन नंबर जारी कर जिले वासियों का सहयोग करने का काम करें और जनमानस में इसके बचाव के संबंध में जागरूकता फैलाने और किसी तरह की अफवाह में नहीं पडधने का संदेश लोगों तक पहुंचाने का काम करें। उपायुक्त सिविल सर्जन से समन्वय स्थापित कर आग्रह किया जाए कि अनावश्यक रुप से रोगियों को राजधानी में न भेज कर वहीं प्रयास जारी रखें। वेंटीलेशन एवं ऑक्सीजन तथा आवश्यक दवाई देकर जिले में ही समुचित इलाज करें। क्योंकि हर जिले से सारे पेशेंट अगर रांची पहुंच जाते हैं तो यहाँ की क्षमता से बाहर अस्पताल पर बोझ पड़ जाता है। जिससे रोगी का समुचित ईलाज समय उपलब्ध नहीं हो पाने के कारण अनावश्यक मृत्यु हो रही है। ऐसी स्थिति से निबटने के लिए हर संभव प्रयास जिले में किया जाए। प्रायः सभी जिलों में अच्छे-अच्छे चिकित्सक एवं अच्छे-अच्छे अस्पताल हैं।आगे कहा कि राज्य सरकार ने घोषणा की है कि 18 से 45 वर्ष उम्र के सभी लोगों को राज्य सरकार निशुल्क वैक्सीन देगी। इसके लिए राज्य सरकार को 48 अरब रुपए खर्च करने पड़ेंगें। इस खर्च के कारण विकास कार्यों की गति धीमा होना स्वाभाविक है। केंद्र सरकार ने वैक्सीन पहले अपने देशवासियों को नहीं देकर विदेशों को निर्यात किया। हर वर्ष की भांति इस वर्ष ऑक्सीजन का भी भारी मात्रा में निर्यात किया गया। केंद्र सरकार अपने देशवासियों के प्रति उतनी गंभीर और ना ही संवेदनशील है।

बैठक में जिलाध्यक्ष मुन्नम संजय ने अध्यक्ष से आग्रह किया कि जिले में कई समाजसेवियों ने आयुषलेशन वार्ड एवं कोविड सेंटर के लिए व्यवस्थित जगह और अस्पताल दिया है। जिला प्रशासन ने मुस्तैदी से महामारी से बचने के लिए बचाव के लिए सारी तैयारी चुस्त-दुरुस्त कर ली है। हमारी मांग है कि जिले को रेमेडिसीविर, ऑक्सीजन सिलेंडर एवं आवश्यक दवाइयां प्रचुर मात्रा में उपलब्ध कराई जाए। साथ ही अध्यक्ष-सह-आपूर्ति मंत्री से आग्रह किया कि इस महामारी काल में अविलंब ग्रीन राशन कार्ड वाले को खाद्यान्न आपूर्ति कराई जाए और अगले वर्ष की भांति जिनके पास राशन कार्ड नहीं है ऐसे लोगों को भी खाद्यान्न वितरण की जाए। जिस पर मंत्री ने सकारात्मक रुप से आशान्वित किया। जिला अध्यक्ष ने कहा कि सांसद निशिकांत दुबे क्षेत्र के लोगों के प्रति इस महामारी से बचाव के लिए संवेदनहीन हो चुके हैं और ऐसी परिस्थिति में झारखंड सरकार को बदनाम करने के लिए देवघर उपायुक्त के द्वारा अच्छे एवं सराहनीय कार्य किए जाने पर उन्हें डराया और धमकाया जा रहा है। ताकि इस कोरोना काल में उपायुक्त को परेशान कर दीग भ्रमित कर दें और जिले की सारी व्यवस्था चर मरा जाए। इस  कृत्य का जिला कांग्रेस घोर भर्त्सना और निंदा करती है। उक्त आशय की जानकारी देवघर जिला मीडिया प्रभारी दिनेश कुमार मंडल ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दिया।

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