पैट्रोल और डीजल से लगी आग को रेत से बुझाया जा सकता है : डॉ. प्रदीप



देवघर : सन 1944 में मुम्बई बंदरगाह में अकस्मात आग लग जाने के कारण 66 अग्निशमन कर्मी वीरगति को प्राप्त हुए थे। इन शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने व अग्नि से बचाव के उपाय बताने के लिए देशभर में 14 अप्रैल को राष्ट्रीय अग्निशमन सेवा दिवस मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य नागरिकों को अग्निकांडों से होने वाली क्षति के प्रति जागरूक करना तथा अग्निकांडों को रोकने एवं अग्नि से बचाव के उपायों के संबंध में शिक्षित करना। मौके पर स्थानीय साइंस एंड मैथेमेटिक्स डेवलपमेंट आर्गेनाईजेशन के राष्ट्रीय सचिव डॉ. प्रदीप कुमार सिंह देव ने कहा- अग्निशमन दिवस के अंतर्गत नागरिकों को अग्नि से बचाव तथा सावधानी बरतने के सम्बंध में जागृत करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इसका उद्देश्य सुरक्षित मार्ग की व्यवस्था, अग्निशामक उपकरणों का प्रयोग, आग की स्थिति में बचाव के उपाय, उद्योगों में अग्नि सुरक्षा व सावधानियां, विद्युत अग्नि सुरक्षा व सावधानी, बहुमंजिले भवनों में अग्नि सुरक्षा, विकलांग व्यक्तियों के लिए अग्नि सुरक्षा आदि। अग्नि सुरक्षा अक्समात लगने वाली आग से सुरक्षा के उपायों की जानकारी देती हैं और उससे होने वाले खतरों को कम करती हैं। आग बहुत ही विनाश्कारी होती है जो कि ताप, ऑक्सीजन और ज्वलनशील पदार्थ के एक साथ होने पर हमारी लापरवाही ये लग जाती है और सब कुछ तहस नहस कर देती है जिस वजह से आज के समय में अग्नि सुरक्षा का बहुत महत्व है। अग्नि से सुरक्षा के लिए बहुत से तरीके अपनाकर हम जान माल की होने वाली हानि से बच सकते हैं। आग लगने की सूचना कम से कम शब्दों में दी जानी चाहिए क्योंकि यदि आप ज्यादा बोलेंगे तो लोग अच्छे से नहीं समझ पाऐंगे। सभी स्थानों पर फायर अलार्म लगे होने चाहिए जो कि आग लगते ही बजने लगे और उससे सभी लोक चौकन्ना हो जाए। आग लगने पर ज्वलनशील पदार्थ को तुरंत आग से दुर करना चाहिए अन्यथा आग फैल सकती है और हानि ज्यादा हो सकती है। आग को ऑक्सीजन की सप्लाई बंद करके भी रोका जा सकता है। आग लगते ही आग को पानी से बुझाना चाहिए लेकिन उससे पहले अग्निश्मक को सूचित कर देना चाहिए। पैट्रोल और डीजल से लगी आग को रेत से बुझाया जा सकता है। आग यदि कपड़ो में लग जाए तो भागे नहीं क्योंकि उससे आग बढ़ जाएगी। इसलिए ऐसी स्थिति में जमीन पर लेटकर उलट पुलट करें। आग लगने पर कंबल ओढ़ कर बाहर आए। अग्नि सुरक्षा हमें सुरक्षा के विभिन्न उपाय बताता है इसलिए इसकी जानकारी हर बच्चे को उनके माता पिता और शिक्षकों के द्वारा दी जानी चाहिए। हम सबको भी आग के प्रति लापरवाह नहीं होना चाहिए बल्कि खुद भी सावधान रहना चाहिए और दुसरों को भी सचेत करना चाहिए। ऐसा करने से हम अपने साथ साथ दुसरे बहुत सारे लोगों की भी जान बचा सकते हैं और साथ ही होने वाले दुसरे नुकसानों से भी बचा जा सकता है।

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