मुख्य मार्ग से भटकते हुए युवाओं को देखकर चिंता जाहिर किया समाज सेवी ने युवा शिक्षा को बनाएं आधार-दिनेशानन्द झा



देवघर -कोंग्रेस नेता और समाज सेवी दिनेशानंद झा ने शहर के युवाओं का लगातार क्राइम केसेज़ में नाम आने से काफ़ी खिन्न और चिंतित नजर आ रहे हैं।उन्होंने अपनी भावना को प्रकट करते हुए कहा है कि बिल्कुल समझ में नहीं आ रहा है आए दिन शहर में नकारात्मक घटनाएं देखने को मिल रही है उसके पीछे का जो सच्चाई नजर आ रही हैं उसको देखते हुए लग रहा है आजकल का युवा अपना भविष्य क्राइम की दुनिया को ही बनाना चाहते हैं।

इसके लिए युवा वर्ग को तेजी से इस और बढ़ते हुए देखा जा सकता है ।बीते कुछ वर्षों में मैंने जो घटनाएं देखी है उसको देखते हुए मैंने महसूस किया है कि आजकल का युवा अपना कैरियर पढ़ाई के क्षेत्र में न बनाकर शॉर्टकट रास्ता अपनाकर एक नाम एक शोहरत बनाना चाहते हैं जोकि उसके लिए उसके माता-पिता के लिए या उसके परिजन के लिए बेहद दुखद कष्टदायक एवं एवं सम्मानविहीन होता है ।

वैसे युवाओं को इसका भी ख्याल नहीं होता कि हमारे इस कुकर्म से हमारे माता पिता हमारा समाज हमारे परिजन के ऊपर क्या बीती होगी उनका जीवन कैसे बेजान और बेरंग हो जाता होगा मैं उन युवाओं से बहुत ही विनम्रता पूर्वक कहना चाहूंगा कि आप ऐसा ना करें आप की दुनिया बहुत अच्छे और सामाजिक प्रतिष्ठा के साथ हो सकती है बस आप शॉर्टकट रास्ता ना अपनाएं और माता पिता के बताए मार्ग और सामाजिक स्तर पर जो सकारात्मक पहलू है उसको पहचाने और उस और आगे बढ़े निश्चित तौर पर आपके देखे गए सपने साकार होंगे और आप एक बेहतर इंसान बेहतर संतान और देश के यशस्वी नागरीक साबित होंगे ।

वहीं दिनेशानंद ने कहा है कि मेरे समाज से वैसे माता पिताओं से खासकर जो संवैधानिक  व्यवस्था पर विश्वास करते हैं जिसे हम लोग कार्यपालिका के स्तर से देखते हैं उन सभी से मेरा आग्रह होगा आप सभी अगर समय पर जागरुक हो समय पर जागरुकता का परिचय दें  तो ऐसी हालात कभी नहीं होगा और हम लोग के बीच के बच्चे युवा यह रास्ता नहीं अपनाएंगे ।

वहीं युवाओं से अपील करते हुए कहा कि बेहतर जीवन को चुने जिससे हम सभी का सर गर्व से ऊंचा होगा मैं व्यक्तिगत तौर पर पिछले कुछ घटनाओं से बहुत आहत हुआ हूं और सच कहूं तो मैं बहुत चिंतित हूं इस समाज के लिए वैसे युवाओं के लिए जो अपना अनमोल जीवन को खतरे में डालकर ऐसी घटनाओं को अंजाम देकर अपना नाम कमाना चाहते हैं यकीन मानिए जीवन बहुत ही अनमोल है उसे जीना है और इसी जीवन में कुछ ऐसा कर जाना है जिसकी यादें आने वाली पीढ़ियां देखेगी सुनेगी और उस पदचिन्हों पर चलेगी ।

हमारा सौभाग्य है कि हमलोग बाबा बैद्यनाथ की नगरी में रहते है ऐसे में इस तरह की घटना से हमारा शहर के साथ साथ बाबा बैद्यनाथ की नगरी को भी शर्मिंदा होना पड़ता है इस देव नगरी में देश विदेश से लोग भिन्न भिन्न कामो से आते हैं वैसे लोगों मै भी खराब संदेश जा रहा है  लिखने का तो बहुत मन कर रहा है लेकिन मन इतना व्यथित है कि मैं अब नहीं लिख पा रहा हूं आशा है मेरी भावना को मेरे इस अपील को आप सब समझेंगे और हम सब मिलकर युवाओं को सकारात्मक दिशा में ले जाने का प्रयास करेंगे ।

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