चार दिवसीय अखंड हरिनाम संकीर्तन कुंजविलास के साथ हुआ संपन्न।



कुंडहित(जामताड़ा):कुंडहित प्रखंड क्षेत्र के अम्बा गांव के दक्षिण पाड़ा  में चार दिवसीय अखंड हरिनाम संकीर्तन कुंजविलास एंव नर नारायण सेवा के साथ गुरुवार को संपन्न हुआ। दोल पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के कोलकाता के बांग्ला कीर्तन गायक श्री दीपक राज भौमिक ने भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी जी के लीला,मानलीला एंंव सर्वोपरि रासलीला का वर्णन,नृत्य आदि प्रस्तुत कर देर रात तक श्रोता भक्तों को मंत्रमुग्ध सा बनाकर रखा । मौके पर  उन्होंने कहा कि भगवान श्री कृष्ण ने जीव जगत को शिक्षा देने के लिए ये लीलाएं की। कलियुग में जीवों का अल्प आयु के कारण उद्धार का एकमात्र उपाय हरिनाम संकीर्तन है।दिन भर अपने कर्म करते हुए कम से कम एक बार सच्चे मन भगवान का स्मरण कीर्तन करना चाहिए। लीला के क्रम में कहा कि गौरांग महाप्रभु जात पात ऊंच नीच का भेदभाव से ऊपर उठकर समाज को एक सुत्र में बांधने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि हम सभी सांसारिक जीव को हमेशा सत्कर्म एंव जीवों के प्रति दया भाव रखना चाहिए। कहा सभी जीवों में भगवान का अंश है ।अक्सर हम लोग बिना कुछ सोचे समझे गलत कार्य कर बैठते हैं एंव अच्छे फल प्राप्ति की आशा करते हैं जो कदापि संभव नहीं है। कहा कि सुंदर समाज निर्माण के लिए सत्संग एंव सत्कर्म करना चाहिए।

 वही तीन दिन शाम7 बजे से 9बजे तक भागवत का पाठ महाराज रमन चट्टोपाध्याय ने किया।

कुंजवीलास कार्यक्रम समापन होने के पश्चात भक्तजनों के बीच 40कड़ाई  मच्छब प्रसाद वितरण किया गया। सैकड़ों भक्तों ने हरिकथा श्रवण एंव प्रसाद ग्रहण कर पुण्य के भागी बने। इस अवसर पर गड़शिमुला,सियारसूली,सालूका,मौजोड़, छोटा गोबिंदपुर, सालदहा,सिमुलकुन्दा आदि गांवों के अलावा आसपास गांव के लोग चार दिनों तक भक्ति रस में डूबे रहे। 

साथ ही कमेटी के सदस्यों द्वारा कोरोनावायरस कोविड-19 के संक्रमण को देखते हुए कोविड नियमों का पालन करने के लिए लोगों को सामाजिक दुरी का पालन करने के लिए प्रेरित किया ।

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