सालकुंडा में जैन धर्मावलंबियों द्वारा मनाई गई श्री महावीर कल्याणक महोत्सव



नाला (जामताड़ा) -- रविवार को महावीर जयन्ती के पावन अवसर पर सालकुंडा गांव में जैन धर्मावलंबी के द्वारा श्री महावीर जी के जन्म कल्याणक महोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर आज सुबह ही सभी बच्चे बच्चियों एवं जैन संप्रदाय के लोगों के द्वारा प्रभात रैली (फेरी) भी निकाली गई। वहीं उनके बताए अहिसां,अनेकान्त व अपरिग्रह के रास्ते पर चलने का सकल्पं लिया गया। मालूम हो कि  जैन धर्म के 24 वे तीर्थंकर महावीर का जन्म

महोत्सव बहुत ही शांति पूर्वक सभी अपने -अपने घरों में जाप और पूजा किया । मालूम हो कि जैन समुदाय में ये पर्व बहुत ही खास है जैन धर्म के पंचशील सिद्धांत बताए, जो है– अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह, अचौर्य (अस्तेय) और ब्रह्मचर्य |  महावीर भगवान का दूसरा नाम वर्धमान है उन्ही के नाम पर पश्चीम बंगाल के वर्धमान रेलवे स्टेशन रखा गया था । तथा महावीर भगवान का जन्म भी हमारे ही पूर्व राज्य बिहार के कुंडलपुर नामक राज परिवार मे हुआ था वो राजा होकर भी मात्र 30 साल के उम्र में ही राजबाड़ी अर्थात राजमहल छोड़के  सत्य, अहिंसा , ब्रम्हचर्य के पथ पर गया ।महावीर हमारे झारखंड और वेस्ट बंगाल में पद यात्रा करके सबको अहिंसा परमोधर्म सिखा के गए ।चाहे लोगो का धर्म कोई सा भी हो मन मे जीवो के प्रति आस्था जगा के गए ,तभी हमारे पास अनेक प्राकृतिक धरोहर मौजूद है और हम शांति से साँस ले पा रहे थे । लेकिन  हम अपने आस्था को भूलते जा रहे, जीव और प्रकृति के विरुद्ध कार्य करते आ रहे हैं इसलिए आज सभी लोग ऑक्सीजन के लिए तरस रहे है जो हम प्रकृति से आसानी से मिल जाती थी । इन सब अहिंशा , अशांत वातावरण के लिये ही शांति जाप सभी अपने घरों में किया जाप मे नमो जिनानं जीअ भयनाम  का मंत्र जाप किया । इस विश्व शांति जाप कार्यक्रम में स्वीटी , पायेल , शिल्पी , सोनाली , सोमनाथ आदि समस्त ग्राम वासी  वालिका मण्डल शामिल हुए ।

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