स्थानीय राहुल अध्ययन केंद्र में प्रसिद्ध उपन्यासकार फणीश्वर नाथ रेनू की जयंती मनाई गई!



मधुपुर स्थानीय राहुल अध्ययन केन्द्र में प्रसिद्ध उपन्यासकार फणीश्वरनाथ रेणु की जयन्ती मनायी गयी । मौके पर लोगों ने उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किये ।  मौके पर जलेस के प्राँतीय सह सचिव धनंजय प्रसाद ने विस्तार पूर्वक प्रकाश डालते हुये कहा कि आंचलिक उपन्यास के अग्रदूत थे फणीश्वरनाथ रेणु । अपनी पहली रचना से प्रसिद्ध के शिखर पर पहुँच गए । उनका पहला उपन्यास - मैला आंचल , 1954 में अपार ख्याति और यश दिलाने वाली युगान्तरकारी उपन्यास साबित हुआ । जिस पर तीसरी कसम , नामक फिल्म बनी । उन्होने कहा कि रेणु के मन में एक विद्रोही मन भी था , जो अन्याय और जुल्म के खिलाफ खड़ा रहता था । रेणुजी एक समर्पित लेखक थे । पर आज दौर में सच कहना बगावत होने लगा है और सच कहनै कहने वाले देशद्रोही । आज कोई सच कहां सुनना चाहता हे । चारो चापलुसी की संस्कृति पनप गयी है । आज अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता खतरे में है । आराजकता का माहौल बना हुआ है । ऐसे में रेणुजी का याद आना लाजिमी है । इसके अलावे सुखदेव , निसार,आदि ने श्रद्धासुमन अर्पित किये!

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