चापाकल खराब रहने के कारण लोग पी रहे हैं जोड़िया का पानी।



नाला (जामताड़ा) -- आज के इस विकास के दौर में भी लोग नदी, नाला और जोड़ियां का पानी के लिए पीने के लिए मजबूर हो रहा है। मालूम हो कि दृश्य पैकबड़ पंचायत अंतर्गत सिंदूरकुनिया गांव की है जहां के लोगों को आज भी इस विकास के दौर में जोड़िया का पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। सच पूछिए तो विभागीय उदासीनता का दंश झेल रहे हैं ये सीधे-साधे ग्रामीण। यूं तो गांव में कुल 3 चापाकल है परंतु सब के सब कई दिनों से खराब तथा बंद पड़े हुए हैं फलस्वरुप लोगों को पेयजल संग्रह करने के लिए 1 किलोमीटर दूरी पर स्थित जुड़िया के समीप मिट्टी कोड़ कर जल संग्रह करना पड़ रहा है। इधर देश में कोरोना का कहर छाया हुआ है ।चारों ओर सरकार संक्रमण की रोकथाम को लेकर विभिन्न अभियान चला रही है परंतु आज भी कुछ ऐसे गांव- कस्बे हैं जहां के लोग विकास से कोसों दूर है। अन्य विकास की बात तो दूर लोगों को शुद्ध पेयजल भी मुनासिब नहीं हो पा रहा है यह विडंबना ही है। हालांकि गांव की जलसहिया सोनामुनी हेंब्रम ने गांव की इस विकट  समस्या को देखते हुए विभाग को भी पत्राचार किया है परंतु अभी तक इस ओर सकारात्मक पहल नहीं की गई है ,लोग आज भी जोड़िया का पानी पीने के लिए मजबूर हो रहे हैं।ग्रामीण भूतनाथ हेंब्रम, वैद्यनाथ टूडू ,बाबूजन टूडू, परेश टूडू ,बाबूराम टुडू आदि सभी ग्रामीणों ने प्रशासन से बंद पड़े सभी चापाकलों की मरम्मत कराने की मांग की है ताकि लोगों को जोड़ियां का दूषित जल पीना ना पड़े ।

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