वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सेविका, सहायिका व स्वास्थ्य विभाग के एएनएम से जिला स्तर पर कोविड वैक्सिन व कोरोना संक्रमण की वास्तुस्थिति से अवगत हुए उपायुक्त....



उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी  मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में आज दिनांक 17.03.2021 को समाहरणालय सभागार में वीडियो कोंफ्रेंसींग के माध्यम से देवघर जिला अन्तर्गत विभिन्न प्रखण्डों के 431 केन्द्रों से सेविका, सहायिका व स्वास्थ्य विभाग के एएनएम, कर्मी, चिकित्सक एवं समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के साथ ऑनलाइन परिचर्चा सह बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में उपायुक्त द्वारा देवघर जिला अंतर्गत कोविड वैक्सिन के प्रथम डोज, द्वितीय डोज, कोरोना संक्रमण व वैक्सिनेशन को लेकर जागरूकता के अलावा थर्मोकाॅल के उपयोग को पूर्णतः प्रतिबंधित करने के उपाय, घटते लिंगानुपात, महिला सशक्तीकरण, दहेज प्रथा का कारण और निवारण, बेटा व बेटियों में असमानता का कारण और निवारण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान विभिन्न प्रखण्डों सेविका, सहायिका व स्वास्थ्य विभाग के एएनएम द्वारा अपने-अपने विचार व सुझाव उपायुक्त के समक्ष प्रस्तुत किए गए। 

इस दौरन उपायुक्त ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान में देश के कई राज्य में कोरोना संक्रमण के बढ़ रहे मामलों को लेकर सभी को सतर्क व सावधान रहने का निदेश दिया। साथ हीं अपने स्तर से लोगों को कोविड वैक्सिनेशन व कोरोना संक्रमण के प्रति जागरूक करने की बात कही। इसके अलावे उपायुक्त ने 45-59 व 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सिन दिये जाने की प्रक्रिया से अवगत कराते हुए कहा कि ऐसे लोगों को चिन्ह्ति करते हुए उनका निबंधन कराना सुनिश्चित करें। इस हेतु अपने नजदीकी प्रज्ञा केन्द्र में 10 रूपये के शुल्क के साथ अपना निबंधन करा सकते हैं या अपने मोबाईल से https://selfregistration.cowin.gov.in/ पर निबंधन कर सकते हैं। ऑफलाइन निबंधन हेतु अपने नजदीकी प्रखण्ड में ब्लाॅक डाटा मैनेजर को अपना आवेदन (फाॅर्म) जमा कर सकते हैं।

इसके अलावे बैठक के क्रम में उपायुक्त द्वारा जानकारी दी गयी कि वैक्सिनेशन की गति को बढ़ाने के उद्देश्य से जिले में छः दिवसीय विशेष कैम्प का आयोजन दिनांक-20-21 मार्च, 23-24 मार्च, 26-27 मार्च को 33 केन्द्रों पर किया जायेगा, ताकि जिले के सभी 194 पंचायतों के निबंधित लोगों को ज्यादा से ज्यादा संख्या में वैक्सिन दिया जा सके। साथ हीं बैठक के दौरान सही गति से माॅनिटरिंग व वैक्सिनेशन के कार्यों को लेकर उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग व समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को सख्त निदेशित किया कि अपने संसाधनों का शत प्रतिशत उपयोग करते हुए ज्यादा से ज्यादा लोगों को कोरोना संक्रमण व वैक्सिन केप्रति जागरूक करें, ताकि शत प्रतिशत वैक्सिनेशन का कार्य करने के अलावा कोरोना संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान सभी से बातचीत करते हुए उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि समाज से बेटे-बेटियों में असमानता की सोच को बदलने की जरूरत है। आज बेटियां हर क्षेत्र में परचम लहरा रही हैं। उन्होंने कहा कि बेटा हो या बेटी, दोनों का समान अधिकार है। देवघर जिले में कई ऐसी महिलाएं हैं, जो किसी न किसी क्षेत्र से जुड़कर बेहतर कार्य करते हुए अपने क्षेत्रों में प्रतिनिधित्व कर रही हैं। जिला, राज्य, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश की बेटियों ने नाम रौशन किया है। आगे उन्होंने कहा कि समस्याओं पर विचलित होने के बजाय समाधान ढूंढने की आवश्यकता है। साथ हीं आप सभी सेविका, सहिया एएनएम के का माध्यम से सभी अभिभावकों से भी आग्रह होगा कि बेटियों को आगे बढ़ाने में हर संभव सहयोग करें, ताकि बेटियां अपने परिवार के साथ अपने समाज और राज्य का नाम रौशन करें।

■ विकसित देशों में महिलाओं की जनसंख्या पुरूषों के मुकाबले अधिकः-उपायुक्त....

वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान उपायुक्त  मंजूनाथ भजंत्री ने सभी को संबोधित करतें हुए कहा की जिले में विगत 5 सालों में लिंग अनुपात मे काफी कमी आई है जो चिन्तनीय है। जिले अंतर्गत लड़कों के मुकाबले लड़कियों की संख्या में कमी दर्ज किया जाना निश्चित ही चिंताजनक है। गर्भ में ही भू्रण की हत्या करना महापाप है, जिस पर रोक लगाना अति आवश्यक है। इसके लिए जरूरी है कि आप सभी जागरूक बने और दूसरों को भी जागरूक करते हुए समाज को बेहतरी की और ले जाने में अपना योगदान सुनिश्चित करें। सबसे महत्वपूर्ण खुद भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रुप से लिंग परीक्षण या भ्रूण हत्या में सहभागिता नहीं करेंगे। अगर पता चलेगा तो इसकी सूचना प्रशासन को देंगे, त्वरित व आवश्यक कड़ी कार्रवाई की जा सके। इसके अलावे उपायुक्त ने थर्मोकाॅल के उपयोग को पूर्णतः खत्म करने में सभी सहयोग की बात करते हुए कहा कि थर्मोकाॅल के उपयोग को बंद करने में आप सभी का सहयोग आपेक्षित है, ताकि प्लास्टिक से होने वाले दुष्प्रभाव को समझते हुए अभी से इसके उपयोग को न कहें और दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करें। थर्मोकाॅल के जगह पत्तल के बने विकल्पों का उपयोग पर्यावरण व स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से बेहतर विकल्प है।

■ उपायुक्त ने (PC&PNDT) अधिनियम से सभी को कराया अवगत....

इसके अलावे उपायुक्त  मंजूनाथ भजंत्री ने सभी जानकारी देते हुए कहा कि पूर्व गर्भाधान एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक (PC&PNDT) अधिनियम, 1994 के अनुसार जन्म से पूर्व शिशु के लिंग परीक्षण गंभीर अपराध है। इसके तहत अल्ट्रासाउंड या अल्ट्रासोनोग्राफी कराने वाले जोड़ों या करने वाले डाॅक्टर, लैब्स कर्मी को 03 से 05 साल तक की सजा और 10 हजार से 01 लाख रूपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। ऐसे में जिला प्रशासन का लगातार प्रयास कर रही है कि देवघर जिले में ऐसा करने वालों को चिन्ह्ति करते हुए सख्त से सख्त कार्रवाई की जा सके। 

इस दौरान उपरोक्त के अलावे सूचना विज्ञान पदाधिकारी  एबी राॅय, जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी  राजीव रंजन, प्रभारी पदाधिकारी गोपनीय शाखा  विवेक कुमार एवं स्वास्थ्य विभाग व समाज कल्याण विभाग के अधिकारी व कर्मी आदि उपस्थित थे। 

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