प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को औद्योगिक घरानों की चिंता है किसानों की नहीं



देवघर झारखंड प्रदेश कांग्रेस सेवादल के प्रदेश उपाध्यक्ष अजय कुमार ने जारी एक बयान में कहा कि 4 महीने से तीन काला कृषि कानून को वापस लेने को लेकर किसानों द्वारा किए जा रहे आंदोलन के प्रति केंद्र की मोदी सरकार द्वारा बेरुखी एवं संवेदनहीनता का जो परिचय दिया जा रहा है इससे साफ प्रतीत होता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सिर्फ औद्योगिक घरानों की चिंता है किसानों की नहीं ।

श्री कुमार ने कहा कि यह कहने में कोई अतिशयोक्ति नहीं कि केंद्र सरकार के तीनों किसान विरोधी काला कृषि कानून से सिर्फ और सिर्फ कारपोरेट जगत को ही फायदा होने वाला है ।तीनों कृषि कानून को देखने से साफ प्रतीत होता है कि असीमित भंडारण से संबंधित पहला कानून कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग  यानी कि ठेका पर खेती से संबंधित दूसरा कानून और न्यूनतम समर्थन मूल्य छोड़ो मंडी तोड़ो से संबंधित तीसरा कानून यानी कि तीनों काला कृषि कानून कॉरपोरेट जगत के इशारे पर बना है।

 श्री कुमार ने कहा कि पहले कानून से कॉर्पोरेट जगत के लोग बड़े पैमाने पर और सीमित भंडारण कर जमाखोरी करेंगे। दूसरे कानून में सरकार की किसान विरोधी नीतियों के चलते जो किसान फसल की लागत भी नहीं निकाल पा रहे हैं वह अपने खेत का लिखित करार मजबूरी में कॉर्पोरेट घराने को सौंपेंगे 

तीसरा न्यूनतम समर्थन मूल्य छोड़ो मंडी तोड़ो कानून के अंतर्गत समानांतर मंडियां कायम करने का अधिकार कॉर्पोरेट जगत को दिया गया है।

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