रोहिणी शतचंडी मंदिर नव निर्माण कार्य में जुटे लोग

 


देवघर -रोहिणी पाण्डेय टोला में 21 जून को होने वाली 18 भूजा वाली वार्षिक वैष्णवी ज्येष्ठी दुर्गा पूजा को लेकर दुर्गा पूजा समिति एवं अन्य सहयोग के द्वारा मंदिर नव निर्माण कार्य जोरों पर है ।इसको लेकर गुरुवार को  आचार्य उपेंद्र नाथ पांडे व पूजक दिनेश पांडे के नेतृत्व में विधि विधान से निर्माण स्थल एवं मशीन की पूजन कर निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया ।बता दें कि देश को आजादी मिलने के पूर्व से ही मंदिर का निर्माण कर माँ दुर्गा की पूजा का शुभारंभ किया गया था तब से लेकर आज तक अनवरत पूजा कार्य जारी है। मंदिर की महत्ता एवं  मंदिर को भव्य एवं आकर्षक बनाने की श्रधालु भक्तों की चाहत पर मंदिर का नव निर्माण किया जा रहा है शुरूआती दौर से निर्जला एकादशी के दिन नगर भ्रमण के पश्चात प्रतिमा को वेदी पर बैठाया जाता रहा है जिस परम्परा के निर्वहन आज भी समिति के द्वारा किया जा रहा है। काफी श्रधालु स्वेच्छा से तन मन एवं धन का सहयोग कर रहे हैं।स्थानीय लोग मंदिर में सेवा भाव से जुड़कर मंदिर निर्माण कार्य में अपनी भागीदारी निभा रहे हैं। बता दें कि वैष्णवी दुर्गा पूजा अंग्रेजों के शासन काल से ही प्रारंभ हुआ है।किवन्दति है कि एक बार गांव में काफी हैजा का प्रकोप फैल गया था जिससे जीवन धारण करने वाले कई जीवधारी काल के गाल में समा गए थे एक भक्त को माँ से प्रेरणा मिली कि तुम लोग मेरी 18 भुजा वाली स्वरुप की पूजा करों सारी विपदा समाप्त हो जायेगी। भक्त ने माँ से मिली प्रेरणा को समाज के बीच साझा किया उसी समय से माँ की पूजा सबके सहयोग से हो रही है।  यहां फूलास ,कुमारी भोजन ओर महाआरती व महाप्रससाद का खास महत्व है।निर्जला एकादशी के दिन प्रतिमा को नगर भ्रमण के पश्चात वेदी पर प्रतिष्ठित किया जाएगा ।आचार्य उपेंद्र नाथ पांडे ने बताया कि 16 जून को जल यात्रा व अधिवास ,उसके बाद दुर्गा सप्तशती पाठ और 20 जून को मंदिर प्राण प्रतिष्ठा एवं महा लक्ष्मी की विशेष पूजा , 21 जून को वार्षिक पूजा ,24 जून को हवन व 25 जून को नगर भ्रमण की पश्चात प्रतिमा की नवका बाँध तालाब में विसर्जित किया जायेगा। मौके पर आचार्य उपेंद्र नाथ पांडे, पूजक दिनेश पांडे ,भास्कर पांडे ,रंजीत पांडे, गौरी शंकर पांडे के अलावे काफी संख्या में लोग  मंदिर निर्माण कार्य में जुटे हुए हैं ।

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