जिले में कम होते लिंगानुपात पर महिलाओं को जागरूक करने की पहल की शुरुआत गई! तेजस्विनी शबाना



मधुपुर 11 मार्च:  मधुपुर प्रखंड के पथलजोर के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में तेजस्विनी की  समूह समन्वयक शबाना प्रवीण और उनके युवा उत्प्रेरक ने गर्भवती महिलाओं से मिलकर देवघर जिले में कम होते लिंगानुपात पर महिलाओं को जागरूक करने की एक पहल की शुरुआत की है, जिसके तहत आज पथलजोर पंचायत क्षेत्र के गांव मे उन गर्भवती महिलाओं व उनके परिवार वालों से बात कर उन्हे बताया कि  लिंग जाँच  कराना कानूनी अपराध है, हम सभी 21वी  सदी मे जी रहे हैं  जहाँ बराबरी का अधिकार  महिलाओँ और पुरुषों के बीच एक समान है, आज के दौर मे ऐसा कोई क्षेत्र अछूता नहीं रहा हैं जहाँ पर महिलाओं के सफलता के झंडे नही गाडे गये हो। महिलाये समाज के विभिन्न हिस्सों मे पुरुषों से आगे निकल रही है, साथ ही साथ लडकियों के लिए चलने वाली योजनाएँ भी बताई गई  उन दम्पत्तियों को समझाया गया कि बेटा बेटी मे कोई फर्क नही है  आज देवघर जिला का लिंगानुपात प्रति 1000 पर 778 महिलाओं का रह गया है यदि समाज के प्रत्येक व्यक्ति द्वारा  इस दिशा मे सुधार के कदम नही उठाये जाते है तो   धीरे धीरे मानव जाति विघटन की स्थिती  में आ जायेगी। सरकार द्वारा चलाये जा रहे हैं बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ  अभियान का जिक्र लगातर तेजस्विनी क्लब के माध्यम से आगन्बाडी क्षेत्र मे किया जा रहा है, ज्ञात हो कि  तेजस्विनी परियोजना 14 वर्ष से 24 वर्ष की किशोरियो एवं महिलाओं के लिये झारखंड सरकार द्वारा चलाया जा रहा महत्वाकांक्षी परियोजना है,जिसके माध्यम से देवघर जिला मे लाखों  किशोरियो को  जीवन कौशल की शिक्षा देने का कार्य लगातर अनवरत रुप से जारी है , देवघर उपयुक्त के महिला दिवस पर लिये गये शपथ को कोटिशः  समाज मे लागू करवाने के लिये तेजस्विनी की टीम जागरुकता फैलाने का काम कर रही हैं।  मौके पर शबाना परवीन के साथ सज़्दा परवीन, सहिरंण बानु, चिंता मुनी मुर्मू के साथ गांव की कई किशोरिया शामिल हई!

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