उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री के निदेशानुसार आयकर कटौती को लेकर जागरुकता लाने के उदेश्य से विकास भवन के सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला का किया गया आयोजन



उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी  मंजूनाथ भजंत्री के निदेशानुसार आयकर कटौती को लेकर जागरुकता लाने के उदेश्य से आज दिनांक 16.03.2021 को विकास भवन के सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।  कार्यशाला में आयकर अधिकारी बी.के.सिंह व अन्य अफसरों के द्वारा टीडीएस तथा टीसीएस के नियमों के प्रावधान के बारे में व ई-इनकम टैक्स प्रक्रिया की पूरी विस्तृत जानकारी दी गई। आगे उन्होने कहा कि आहरण एवं वितरण अधिकारियों को अपनी टीडीएस की तिमाही विवरणिका समय पर जमा करवाना आवश्यक है ताकि असुविधा से बचा जा सके। यहां प्रमुख रूप से सभी विकास अधिकारियों को टीडीएस कटौती व जमा करवाने में अनियमितता के बाद आरोपित की जाने वाली ब्याज, शास्ति व अभियोजन के प्राविधानों की भी जानकारियां दी गई।  कार्यशाला में आयकर अधिकारी के द्वारा बताया गया की अगर किसी व्यक्ति को एक सीमा से अधिक आय हुई है तो उस आय से एक निश्चित रकम काट ली जाती है। टैक्स के रूप में काटी गई इस रकम को ही टीडीएस कहते हैं। टीडीएस और टीसीएस टैक्स वसूल करने के दो तरीके हैं। टीडीएस का मतलब स्रोत पर कटौती है। टीएसएस का मतलब स्रोत पर कर संग्रह होता है इन दोनों मामलों में रिटर्न फाइल करने की जरूरत पड़ती है।

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