पिछड़ा मंच के नेताओं ने बैठक करके विधायक रणधीर सिंह पर कसा तंज कहा : न्याय के लिए आवाज उठाने पर झूठे मुकदमे में फंसाया



सारठ : मंगलवार को सारठ स्थित चन्द्रवंशी सर्विस स्टेशन में पिछड़ा मंच के नेताओं ने बैठक करके स्थानीय विधायक पर निशाना साधा है। पिछड़ा मंच के नेता सुरेंद्र रवानी की अध्यक्षता में हुई बैठक में मंच के संयोजक पशुपति कोल ने कहा कि पिछले दो दशक से पिछड़ा मंच सारठ विधानसभा के दलित, आदिवासी, अल्पसंख्यक व पिछड़ा के वाजिब हक के लिए लगातार संघर्ष कर रही है। जबकि विधानसभा क्षेत्र में 90 फीसदी पिछड़ों की आबादी है और फिर भी लोग राजनीतिक दृष्टिकोण से अपने-आप को कमजोर ही समझ रहे है। वहीं उम्मीद जताते हुए कहा कि समय और हालात से सबक लेकर अब पिछड़ा समाज भी जागरूक हो गया है। वहीं सुरेंद्र रवानी ने कहा कि जनता के हक की आवाज उठाने पर पुलिस प्रशासन भी राजनेता के इशारे पर पिछड़ा मंच के नेताओं पर झूठा मुकदमा दर्ज करके परेशान करना चाहते है। लेकिन अब पिछड़ा समाज नहीं डरेगा और समय आने पर इसका करारा जवाब भी देगा। बताया गया कि सीधे-साधे जनता को प्रलोभन देकर झूठी वाहवाही लूटने वाले नेता पर अब जनता लगाम लगायेगी। वहीं मौजूद नेताओं ने कहा कि वर्ष 2019 में चितरा थाना के बड़बाद गांव के पटल यादव की हत्या करके हत्यारों ने मृतक के लाश को तालाब में फेंक दिया था और पुलिस मौन थी। ऐसे में पिछड़ा मंच ने जब पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया था। जिसके बाद हरकत में आई पुलिस ने शव को तालाब से बरामद किया था और हत्यारे को भी गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। वहीं स्थानीय विधायक सह तत्कालीन कृषि मंत्री रणधीर सिंह के इशारे पर न्याय के लिए आवाज बुलंद करने को लेकर पुलिस ने पिछड़ा मंच के दो दर्जन नेताओं पर सरकारी कार्य में बाधा डालने का झूठा आरोप लगाकर मामला दर्ज करवा दिया था। जिसमें डेढ़ वर्ष बाद न्यायलय से सबों को मंगलवार को बेल दिया गया।बैठक के दौरान सभी नेताओं ने स्थानीय विधायक के रवैये पर नाराजगी भी प्रकट की। बैठक में पूर्व जीप सदस्य छाया कोल, नेता पूरन सिंह, कार्तिक रजक, सिराज अंसारी, उमाशंकर मंडल, निरंजन यादव, डोमन मंडल, सुभाष मंडल, राजेश यादव समेत अन्य मौजूद थे।

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