अभिभावकों को आर्थिक रूप से राहत देने हेतु भाजपा नगर अध्यक्ष ने जिला शिक्षा अधीक्षक को सौंपा ज्ञापन



देवघर।भारतीय जनता पार्टी देवघर नगर द्वारा जिला शिक्षा अधीक्षक, देवघर से मांग की है कि शैक्षणिक सत्र 2020-21 में लागू पाठ्य पुस्तकों में शैक्षणिक सत्र 2021-22 के लिए कोई परिवर्तन नहीं किया जाने का आदेश पारित किया जाए। साथ ही साथ इस वर्ष होने वाले नामांकन के लिए देवघर के सभी सरकारी एवं निजी विद्यालय में SLC (School Leaving Certificate) की बाध्यता समाप्त करने की भी मांग की गयी है ।नगर अध्यक्ष चन्द्र शेखर खवाड़े द्वारा दिये गए ज्ञापन में कहा गया है कि शैक्षणिक सत्र 2020-21 में उपजा विश्वव्यापी नॉवेल कोरोना (COVID-19) महामारी से प्रभावित रहा है, जिसके कारण अभिभावकों के आर्थिक स्थिति पर भी प्रतिकुल प्रभाव पड़ा है । विगत वर्ष कोरोना वैश्विक महामारी के कारण उत्पन्न हुए हालातों को ध्यान में रखते हुए अभिभावकों को आर्थिक रूप से कुछ राहत देने हेतु राज्य के सभी विद्यालयों में (निजी एवं गैर अनुदानित विद्यालय समेत) शैक्षणिक सत्र 2020-21 में लागू पाठ्य पुस्तकों में शैक्षणिक सत्र 2021-22 के लिए कोई परिवर्तन नहीं करने हेतु जनहितकारी आदेश निर्गत करने की कृपा करें । ऐसी व्यवस्था लागू होने से हजारों अभिभावकों को बिना कीमत दिए आस-पड़ोस से एवं अपने सगे संबंधियों के द्वारा बिना कोई कीमत चुकाए अपने बच्चों के लिए पठन-पाठन के लिए पुस्तकें प्राप्त हो सकेंगे, जो इस विपरीत स्थिति में उनके लिए बहुत अच्छा होगा, तथा जहां इस प्रकार के लें देन से सामाजिक सोहाद्र बढ़ेगा वहीं पुस्तकों की छपाई में लगने वाले कागजों की बचत होगी, जिससे पर्यावरण को भी फायदा होगा।उन्होंने कहा कि

महाशय ज्ञात हो कि बोकारो जिला शिक्षा अधीक्षक द्वारा इस मामले में आदेश निर्गत किया जा चुका है, उनके द्वारा निर्गत आदेश में कहा गया जिले की सभी विद्यालय शैक्षिक सत्र 2020-21 में 2021-22 के लिए किसी भी प्रकार का कोई बदलाव न किया जाए।विश्वव्यापी नॉवेल कोरोना (COVID-19) महामारी के कारण हजारों अभिभावक जो महामारी के पूर्व किसी अन्य शहरों में निवास करते थे वह अपने-अपने शहरों को वापस आ चूकें हैं, ऐसे में उन्हे अपने बच्चों के निर्बाध पठन-पाठन की व्यवस्था हेतु उन्हे नजदीकी विद्यालयों में दाखिला दिलाना होगा। विद्यालयों में दाखिला दिलाने हेतु विद्यालय प्रबंधन / विद्यालय प्रधानाध्यापक द्वारा SLC (स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट) की मांग अनिवार्य रूप से की जाती है, जिससे संबन्धित कई अभिभावकों ने हमारे पार्टी कार्यालय में आकार अपने बच्चों के दाखिले में होने वाले SLC की कठिन समस्या को बताया ।

महाशय, यह सर्वविदित है कि कोरोना महामारी के कारण लंबे वक्त तक स्कूल एवं खेल-कूद से दूर रहने के कारण बच्चों की मनोदशा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है, ऐसे में किसी कारण वश अगर उनका नामांकन शैक्षणिक सत्र 2021-22 ( 01 वर्ष ) के लिए रुक जाएगा तो उनके दिलो-दिमाग पर इसका गहरा असर हो सकता है । किसी एक कारण वश भी यदि किसी बच्चे का नामांकन एक वर्ष के लिए भी रुक जाए तो उनके अभिभावकों पर भी गहरा मानसिक दबाव पड़ता है, एवं उनमे सामाजिक हीनता भी उत्पन्न हो जाती है, जब ऐसे एक वयस्क व्यक्ति में हो सकता है तो इसका अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रभावित बच्चों को कितनी मानसिक पीड़ा झेलनी पड़ती होगी ।

महाशय, हम आपसे विनम्र विनती करते हैं कि शैक्षणिक सत्र 2021-22 के लिए नामांकन हेतु SLC की अनिवार्यता को समाप्त कर देने की कृपा करें। इससे आम अभिभावक अपने बच्चों को अपने निकटतम निजी / सारकारी विद्यालय में दाखिला दिलाकर उनका पठन-पाठन निर्बाध रूप से जारी रखने में सक्षम हो सकेंगे । कृपया कृत कार्यवाही से हमें भी पत्र के माध्यम से सूचित करने की महती कृपा करेंगे।आगे बातचीत के दौरान जिला शिक्षा अधीक्षक महोदया श्रीमति बीना कुमारी जी ने खुद बताया कि शिक्षा के अधिकार कानून के तहत निजी विद्यालयों में भी नामांकन हेतु 25% BPL परिवारों के बच्चों का नामांकन किया जा सकता है, परंतु देवघर शहर से उनके पास निजी विद्यालयों में निःशुल्क नामांकन के लिए एक भी आवेदन नहीं आता है, जबकि अन्य जिलों में बीपीएल नामांकन हेतु उपलब्ध सीट से अधिक बच्चों का आवेदन मिलता है।इस अवसर पर मुख्य रूप से मीना देवी, समीर कर्महे, धीरज आनंद, सागर झा, संजय गुप्ता, सविता मिश्रा, मनोज भार्गव, सूरज चंद आदि उपस्थित थे।

No comments