प्यार में धोखा से मीनाकुमारी के जीवन में शराब की घातक एंट्री हुई : डॉ. प्रदीप



देवघर  : स्थानीय ओमसत्यम इंस्टीट्यूट ऑफ फ़िल्म, ड्रामा एंड फाइन आर्ट्स के बैनर तले भारत की मशहूर अभिनेत्री मीना कुमारी की पुण्यतिथि के अवसर पर इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. प्रदीप कुमार सिंह देव ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा- आज ही के दिन 31 मार्च, 1972 को लीवर-कैंसर के कारण मीना कुमारी की मुम्बई में मृत्यु हुई थी। उनका असली नाम महजबीं बानो था और वे 1 अगस्त, 1933 को मुंबई में ही पैदा हुई थीं। उनके पिता अली बक्श पारसी रंगमंच के एक मँझे हुए कलाकार थे और उन्होंने "ईद का चाँद" फिल्म में संगीतकार का भी काम किया था। उनकी माँ प्रभावती देवी भी एक मशहूर नृत्यांगना और अदाकारा थी। वे पहली बार 1939 में फिल्म निर्देशक विजय भट्ट की फिल्म फ़रज़न्द-ए-वतन में बेबी महज़बीं के रूप में नज़र आईं। 1940 की फिल्म "एक ही भूल" में विजय भट्ट ने इनका नाम बेबी महजबीं से बदल कर बेबी मीना कर दिया। 1946 में आई फिल्म बच्चों का खेल से बेबी मीना 14 वर्ष की आयु में मीना कुमारी बनीं। वर्ष 1957 में प्रदर्शित फ़िल्म 'शारदा' में उनके अभिनय के नए आयाम दर्शकों को देखने को मिले। इस फ़िल्म में उन्होंने अभिनेता राजकपूर की प्रेयसी के अलावा उनकी सौतेली माँ की भूमिका भी निभाई। कमाल अमरोही की फ़िल्म 'पाकीज़ा' के निर्माण में लगभग 14 वर्ष लग गए। इस दौरान वे कमाल अमरोही से अलग हो चुकी थीं, फिर भी उन्होंने फ़िल्म की शूटिंग जारी रखी। वर्ष 1972 में जब 'पाकीज़ा' प्रदर्शित हुई तो फ़िल्म में उनकेे अभिनय को देख दर्शक मुग्ध हो गए। उनके सिनेमा कैरियर में उनकी जोड़ी फ़िल्म अभिनेता अशोक कुमार के साथ काफ़ी प्रसिद्ध रही। मीना कुमारी और अशोक कुमार की जोड़ी वाली फ़िल्मों में 'तमाशा', 'परिणीता', 'बादबान', 'बंदिश', 'भीगी रात', 'शतरंज', 'एक ही रास्ता', 'सवेरा', 'फरिश्ता', 'आरती', 'चित्रलेखा', 'बेनज़ीर', 'बहू बेग़म', 'जवाब' और 'पाकीज़ा' जैसी फ़िल्में शामिल हैं। हिन्दी फ़िल्म जगत् में 'ट्रेजेडी क्वीन' कही जानी वाली मीना कुमारी की जोड़ी 'ट्रेजेडी किंग' दिलीप कुमार के साथ भी काफ़ी पसंद की गई। मीना कुमारी और दिलीप कुमार की जोड़ी ने 'फुटपाथ', 'आज़ाद', 'कोहिनूर' और 'यहूदी' जैसी फ़िल्मों में एक साथ काम किया। बहुत से लोग आज इस बात को यक़ीन से कहते हैं कि धर्मेन्द्र ने अपना करियर बनाने के लिए मीनाकुमारी का इस्तेमाल किया। नायक के रूप में धर्मेन्द्र की पहली सुपरहिट थी ‘फूल और पत्थर’- यह भी मीनाकुमारी की मेहरबानी थी। स्टार बनने के बाद धर्मेंद्र मीना कुमारी से दूरी बना ली। उन्हें अपने तिरस्कृत किये जाने का दुखद अहसास हुआ। यहीं से उनके जीवन में शराब की घातक एंट्री हुई जो अंततः उनका जीवन लील गयी।

No comments