शून्य भेदभाव दिवस पर चलाया नाश मुक्ति अभियान



गोड्डा सोमवार को  शून्य भेदभाव दिवस पर समाज सुधार मंच के सचिव लतीफ अंसारी द्वारा अपराह्न २ बजे के बाद डोर टू डोर नशामुक्ति जनजागरुकता अभियान चलाते हुए गोड्डा प्रखण्ड के  गांव पुनसिया , कुरमन , जमुआ, सरकंडा होते हुए तुयोडीह में अभियान  की समाप्ति  की गई

। आधुनिक युग में नशाखोरी जैसे बुराइयां एवं दहेज जैसी कुप्रथाओं के आगे हमारे समाज लाचार हैं। अक्सर  घरों में लड़कियों के जन्म होते ही मायुसी छा जाते वहीं लड़कों के  जन्म लेते ही खुशहाली में बदल जाती है । जबकि जन्म से  ही ऐसे  अबोध शिशु को भेदभाव का सामना करना पड़ता है । कहीं कहीं लड़की जन्म लेते उनके मां को भी घृणा की दृष्टि का शिकार होना पड़ता है। मां की ममता ऐसे अबोध बच्ची सिने से चिपकाएं रखते हैं वेसे दृश्य बड़ा ही मार्मिक होता है जैसे चारों तरफ भेड़िए प्राण लेने को तैयार हो। हालांकि मां  की ममता बच्ची को बचा लेती है लेकिन आने वाले जिन्दगी भी बहुत कष्टप्रद होती है । बचपन से तृष्णा के शिकार जवान होने पर भी किसी बुड्ढे के गले मढ़ देते हैं जो कुछ समय के बाद दुनिया छोड़ देते है और पुनः समाजिक ठोकर खाते खाते जीवन का अन्त हो जाता है। ऐसे हालात में शून्य भेदभाव  तो कोरी कल्पना है लेकिन यदि हम चाहे तो ऐसे हालातों से जकड़े  यदि एक भी घर को सुधार लिए तो   शायद  हम-सब का मनुष्य जीवन सार्थक हो गया।इस अभियान में निम्न ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया -निलेश कुमार वर्मा , कोरव सिंह ,मीना देवी, शीतल राय ,योगेश ठाकुर,दशरथ सिंह नितेश राज, घनश्याम राय, मुन्ना कुमार, बैली भारती, भवानी कुमारी, बलराम महतो,पेमो देवी इत्यादि।

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