स्थानांतरण पर स्थायी रोक,सहिया,सहिया साथी के मानदेय बढोतरी सहित 6 सूत्री मांग का सौंपा पत्र



देवघर- स्वास्थ्य महकमें में कार्यरत बिटिटियों का एक प्रतिनिधि मंडल अपनी मांगों को लेकर टुंडी विधायक मथुरा महतो के साथ मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से मुलाकात कर अपनी मांगों का एक ज्ञापन सौंपा।

वही प्रतिनिधि मंडल ने बीटीटी का स्थानांतरण पर स्थायी रोक व सहिया,सहिया साथी के मानदेय बढोतरी सहित 6 सूत्री मांग पत्र सौंपा है।इस दौरान विधायक मथुरा प्रसाद महतो ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बताया कि एनएचएम द्वारा राज्य भर के बीटीटी को 20 दिन का मानदेय 8 हजार रुपया देकर 30 दिनों तक काम लिया जाता है और विभाग ने अप्रेजल (परीक्षा) लेकर ग्रेडिंग के आधार पर राज्य के विभिन्न जिलों में स्थानांतरित कर दिया गया है।

इसमें अधिकांश महिलाएं है कइयों को उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में भी स्थानांतरण किया गया है। इतना कम मानदेय में इनका स्थानांतरण होने से सभी परेशान हैं। इनके समक्ष उहापोह की स्थिति उत्पन्न हो गया है। उन्होंने  मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बताया कि माननीय स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के आदेश पर फिलहाल स्थानांतरण पर रोक लगा है जिसे स्थायी तोर से रुके रहने दिया जाये और बीटीटी के हुए अप्रेजल (परीक्षा) को रद्द करने की बातें कही।

इधर प्रखंड प्रशिक्षक दल (बीटीटी),सहिया, सहिया साथी संघ के प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक ठाकुर द्वारा माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को दिये गये पत्र पर विधायक मथुरा प्रसाद महतो ने अपना मंतव्य लिखते हुए कहा कि स्थानान्तरित हुए बीटीटी को उनके मूल प्रखंड में ही बीटीटी के पद पर कार्य करने दिया जाये।आरके एसके,डीआरपी अथवा अन्य किसी भी कोषांग से इन्हें नही जोड़ा जाये। 

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र देकर लौटने क्रम में कहा कि जुलाई 2020 के महिना में हुए अप्रेजल प्रकिया का जांच करायेंगे और दोषी अधिकारी नपेगे चाहे वो जिला या प्रदेश स्तर का ही अधिकारी क्यों न हो।

प्रदेश अध्यक्ष बीटीटी अभिषेक ठाकुर ने स्थानांतरण रोक में सहयोग करने वाले निरसा के पूर्व विधायक अरूप चटर्जी के प्रति भी आभार व्यक्त किया है।

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