कोविड वैक्सिनेशन को लेकर छः दिवसीय विशेष कैम्प का 36 केन्द्रों पर किया जायेगा आयोजन-उपायुक्त



देवघर -उपायुक्त  मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में समाहरणालय के सभागार में वीडियो कोंफ्रेंसींग के माध्यम से जिले के 1हजार केन्द्रों से 35 सो से अधिक पारा शिक्षकों एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ ऑनलाइन परिचर्चा सह बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में उपायुक्त द्वारा देवघर जिला अंतर्गत कोविड वैक्सिन के प्रथम डोज, द्वितीय डोज, कोरोना संक्रमण व वैक्सिनेशन को लेकर जागरूकता के अलावा थर्मोकाॅल के उपयोग को पूर्णतः प्रतिबंधित करने के उपाय, घटते लिंगानुपात, महिला सशक्तीकरण, दहेज प्रथा का कारण और निवारण, बेटा व बेटियों में असमानता का कारण और निवारण, शौचालय व साफ-सफाई से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

इस दौरान विभिन्न पंचायतों के पारा शिक्षकों द्वारा अपने-अपने विचार व सुझाव उपायुक्त के समक्ष प्रस्तुत किए गए साथ हीं अभियान में शत प्रतिशत अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की बात एक सूर में सभी पारा शिक्षकों ने किया। 

इस दौरन उपायुक्त ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी पारा शिक्षक समाज के आधार स्तम्ब है साथ हीं हमारी आने वाली पीढ़ि हमारे बच्चे को एक सही दिशा देने में आप सभी की भूमिका अति महत्वपूर्ण है। एक बेहतर समाजिक परिवेश बनाने मे शिक्षकों की उपस्थिति सर्वोच्च मानी जाती है।

ऐसे में मेरा आग्रह होगा कि बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ सामाजिक ज्ञान से भी रूबरू करायें ताकि हमारे आने वाली पीढ़ि समाज से पुरानी कुरीतियों को दूर करने में सक्षम हो। इसके अलावे उपायुक्त ने कहा कि वर्तमान में देश के कई राज्य में कोरोना संक्रमण के बढ़ रहे मामलों को लेकर सभी को सतर्क व सावधान रहने का ननिर्देश दिया। साथ हीं अपने स्तर से लोगों को कोविड वैक्सिनेशन व कोरोना संक्रमण के प्रति जागरूक करने की बात कही।

इसके अलावे उपायुक्त ने 45-59 व 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सिन दिये जाने की प्रक्रिया से अवगत कराते हुए कहा कि ऐसे लोगों को चिन्ह्ति करते हुए उनका निबंधन कराना सुनिश्चित करें। इस हेतु अपने नजदीकी प्रज्ञा केन्द्र में 10 रूपये के शुल्क के साथ अपना निबंधन करा सकते हैं या अपने मोबाईल से https://selfregistration.cowin.gov.in/ पर निबंधन कर सकते हैं।ऑफलाइन निबंधन हेतु अपने नजदीकी प्रखण्ड में ब्लाॅक डाटा मैनेजर को अपना आवेदन (फाॅर्म) जमा कर सकते हैं।

बैठक के दौरान उपायुक्त द्वारा जानकारी दी गयी कि वैक्सिनेशन की गति को बढ़ाने के उद्देश्य से जिले में छः दिवसीय विशेष कैम्प का आयोजन दिनांक-20-21 मार्च, 23-24 मार्च, 26-27 मार्च को 33 केन्द्रों पर किया जायेगा, ताकि जिले के सभी 194 पंचायतों के निबंधित लोगों को ज्यादा से ज्यादा संख्या में वैक्सिन दिया जा सके। साथ हीं बैठक के दौरान सही गति से माॅनिटरिंग व वैक्सिनेशन के कार्यों को लेकर उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग व समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को सख्त निदेशित किया कि अपने संसाधनों का शत प्रतिशत उपयोग करते हुए ज्यादा से ज्यादा लोगों को कोरोना संक्रमण व वैक्सिन केप्रति जागरूक करें, ताकि शत प्रतिशत वैक्सिनेशन का कार्य करने के अलावा कोरोना संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान सभी से बातचीत करते हुए उपायुक्त  ने कहा कि बेटा हो या बेटी, दोनों का समान अधिकार है। देवघर जिले में कई ऐसी महिलाएं हैं जो किसी न किसी क्षेत्र से जुड़कर बेहतर कार्य करते हुए अपने क्षेत्रों में प्रतिनिधित्व कर रही हैं। जिला, राज्य,राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश की बेटियों ने नाम रौशन किया है। आगे उन्होंने कहा कि समस्याओं पर विचलित होने के बजाय समाधान ढूंढने की आवश्यकता है। साथ हीं आप सभी सेविका, सहिया एएनएम के का माध्यम से सभी अभिभावकों से भी आग्रह होगा कि बेटियों को आगे बढ़ाने में हर संभव सहयोग करें, ताकि बेटियां अपने परिवार के साथ अपने समाज और राज्य का नाम रौशन करें।

प्रकृति प्रेम व पर्यावरण के प्रति हम सभी को अपनी जवाबदेही तय करने की आवश्यकता-उपायुक्त

वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने सभी को संबोधित करतें हुए कहा की जिले में विगत 5 सालों में लिंग अनुपात मे काफी कमी आई है जो चिन्तनीय है। जिले अंतर्गत लड़कों के मुकाबले लड़कियों की संख्या में कमी दर्ज किया जाना निश्चित ही चिंताजनक है। गर्भ में ही भ्रूण की हत्या करना महापाप है जिस पर रोक लगाना अति आवश्यक है। इसके लिए जरूरी है कि आप सभी जागरूक बने और दूसरों को भी जागरूक करते हुए समाज को बेहतरी की और ले जाने में अपना योगदान सुनिश्चित करें। 

इसके अलावे उपायुक्त ने थर्मोकाॅल के उपयोग को पूर्णतः खत्म करने में सभी सहयोग की बात करते हुए कहा कि थर्मोकाॅल के उपयोग को बंद करने में आप सभी का सहयोग आपेक्षित है ताकि प्लास्टिक से होने वाले दुष्प्रभाव को समझते हुए अभी से इसके उपयोग को न कहें और दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करें। थर्मोकाॅल के जगह पत्तल के बने विकल्पों का उपयोग पर्यावरण व स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से बेहतर विकल्प है।

कोई टिप्पणी नहीं