कृषि, पशुपालन व सहकारिता विभाग के सचिव ने अधिकारियों के साथ लिया जायजा, कहा : 15 अप्रैल तक चालू होगा सारठ का मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट



सारठ : कृषि पशुपालन व सहकारिता विभाग के सचिव अब्दुल बारीकी सिद्दकी ने रविवार को विभागीय निदेशक कृपाशंकर झा व डीसी मंजूनाथ भजंत्री के साथ सारठ पहुंचकर मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट का विंदुवार जायजा लिया और जेएमएफ के अधिकारियों को जल्द प्लांट के शेष बचे कार्य को पूरा कराने का निर्देश दिया। सचिव द्वारा दो टूक कहा गया कि 15 अप्रैल तक प्लांट को चालू कराना सुनिश्चित करें, अब और देरी नहीं होनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान सचिव द्वारा बताया गया कि उक्त प्लांट को जल्द चालू कराने को लेकर बीते दिनों मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के द्वारा भी प्लांट के वर्तमान स्थिति का रिव्यू किया गया था, जिसमें 90 फीसदी कार्य पूरा होने की बात कही गई थी। सचिव ने मौके पर मौजूद जेएमएफ के निदेशक सुधीर कुमार सिंह से कहा कि प्लांट के चालू होने में अब ज्यादा समय नहीं लगे, इसके लिए शेष बचे कार्य को पूरा कराने में पूरी तत्परता दिखायें। सचिव ने विभागीय अधिकारियों के साथ पूरे प्लांट के एक-एक चीज़ों को देखा और मिल्क प्रोसेसिंग के लिए लगे सभी उपकरणों की भी विभागीय अधिकारियों से विंदुवार जानकारी प्राप्त की। वहीं प्लांट के लिए अलग से बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग पर सचिव ने मौके पर मौजूद डीसी से बिजली समस्या का जल्द निराकरण कराने का निर्देश दिया, जिस पर डीसी ने एक सप्ताह के अंदर प्लांट में अलग से बिजली की समुचित सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही। विभागीय सचिव को झारखंड मिल्क फेडरेशन के अधिकारियों द्वारा बताया गया कि प्लांट में पानी की समस्या को देखते हुए चार डीप बोरिंग कराया गया था, जिसमें तीन डीप बोरिंग पूरी तरह से सफल रहा है। वहीं शेष मूलभूत सुविधाओं को भी दुरुस्त कर लिया गया है। ऐसे में शेष बचे कार्य को महीने के अंत तक में हर हाल में पूरा कर लिया जायेगा और 15 अप्रैल तक में प्लांट को चालू कर दिया जायेगा।

झामुमो नेता ने प्लांट में दूध की उपलब्धता पर उठाये सवाल : झामुमो नेता इश्तियाक मिर्जा ने विभागीय सचिव व अन्य मौजूद अधिकारियों के समक्ष प्लांट चालू होने की दिशा में दूध की उपलब्धता पर सवाल उठाया। श्री मिर्जा ने कहा कि प्लांट को लेकर सारठ क्षेत्र में छह हजार लाभुकों के बीच 90 फीसदी अनुदान पर गाय का वितरण किया गया था, लेकिन वर्तमान समय में इक्के-दुक्के पशुपालकों के घर में गाय दिख रहा है। वहीं उन्होंने प्लांट के जमीन देने वाले जमींदाता के परिवार को प्लांट में नोकरी देने और स्थानीय युवाओं को प्लांट से रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में सार्थक पहल करने की मांग की। जिस पर सचिव द्वारा उनके सुझावों पर गौर करने की बात कही गई। वहीं अनुदान में मिले गाय को बेचने की शिकायत पर डीसी को विस्तृत जांच रिपोर्ट देने का निर्देश दिया, जिस पर डीसी ने बताया कि उनके द्वारा उक्त मामले को लेकर पूरे जिले में टीम गठित करके जांच रिपोर्ट मांगा गया है।

सचिव ने मौके पर मौजूद कृषि विभाग, भूमि संरक्षण विभाग, मत्स्य विभाग, सहकारिता विभाग, उद्यान विभाग आदि के अधिकारियों से भी एक-एक करके योजनाओं की जानकारी ली और सभी को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया। सचिव ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ आम आदमी को मिले, इसके लिए ईमानदारी से सभी अपने दायित्वों का निर्वहन करें, वहीं उन्होंने कहा कि पैक्स से किसानों को लाभ मिल रहा है कि नहीं बतायें, मत्स्य से कितने को रोजगार मिला, विस्तृत रिपोर्ट दें और केसीसी ऋण माफी योजना की धीमी प्रगति पर तेजी लायें। मौके पर मधुपुर एसडीओ योगेंद्र प्रसाद,  कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक अजय कुमार सिंह, डीएओ डीके तिवारी, जिला उद्यान पदाधिकारी कमल कुमार कुजूर, जिला मत्स्य पदाधिकारी प्रशांत दीपक, बीडीओ साकेत कुमार सिन्हा, बीसीओ दिवाकर मिश्रा, जेएमएफ के मिलन मिश्रा, धर्मेंद्र बेहरा समेत कई अन्य अधिकारी मौजूद थे।

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