कलयुग का मंच नाटक के मंचन की खूब हुई प्रशंसा



सारठ :  सरस्वती पूजा के अवसर पर मंगलवार रात्रि में डिंडाकोली पंचायत के औझाडीह-गंडा गांव में बजरंग नवयुवक समिति की और से "कलयुग का पंच" सामाजिक नाटक का मंचन किया गया और नाटक देखने के लिए अगल-बगल गांवों से भारी संख्या में महिला, पुरुष व बच्चे पहुंचे हुए थे। नाटक में औझाडीह गांव के नवयुवक झनटू पंडित, गजेंद्र पंडित, त्रिपुरारी पंडित, कुंदन पंडित, मृत्युंजय पंडित, भूलक पंडित, राहुल पंडित, राजेश पंडित, गुलटन पंडित, रवि पंडित आदि ने नाटक में विभिन्न किरदार की बखूबी भूमिका निभाई।समिति द्वारा बताया गया कि नाटक के जरिये समाज को संदेश देने का प्रयास किया गया कि अशिक्षा के चलते कैसे सेठ व साहूकार गरीब किसानों का शोषण करता है और बिना किसी दोष के गरीबों पर पंचायत बैठाकर जुर्माना लगाया जाता है और जुर्माना नहीं दे पाने पर कैसे भरी पंचायत में गरीबों पर कोड़े बरसाया जाता है और उनका जमीन-जायदाद भी हड़प लिया जाता है। नाटक में सेठ धनपद जो अपने-आप को धर्मराज समझता है वो जात-पात, ऊंच-नीच का भेद भाव करके समाज मे बुराई फैलाता है और गरीब किसान झगरू पर फसल चराने का झूठा आरोप लगाकर उस पर इस तरह जुल्म ढाया जाता है कि उनकी मौत हो जाती है। लेकिन उस गरीब किसान का बेटा जब उच्च शिक्षा प्राप्त करके गांव लौटता है तो लोगों को पंच परमेश्वर के दायित्व का बोध कराता है। सेठ धनपद, सरपंच व गलत करने वालों को कानून के तहत सजा दिलवाता है। नाटक के दौरान बीच-बीच मे सुर व संगीत के माध्यम से भजन की भी प्रस्तुति की गई।

लोगों ने की प्रशंसा : आज के परिवेश में जहां युवा वर्ग इस तरह के आयोजन में अश्लील डांस व आर्केस्ट्रा का प्रोग्राम कराता है। वहीं दूसरी और युवाओं द्वारा समाजिक नाटक कार्यक्रम करने पर लोगों ने प्रसंशा किया। कार्यक्रम की रूप रेखा जितेंद्र पंडित के देखरेख में तैयार किया गया। वहीं कार्यक्रम को सफल बनाने में विनोद पंडित, बोदी पंडित, हंकु पंडित, धनेश्वर पंडित, प्रकाश पंडित, अवधबिहारी पंडित, गोपाल पंडित, बालेश्वर मंडल, टुनटुन पंडित समेत अन्य का सराहनीय योगदान रहा।

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