विज्ञान और प्रौद्योगिकी ने हमें आधुनिक सभ्यता की स्थापना के लिए प्रेरित किया है : अजय बल्लभ



देवघर  स्थानीय साइंस एंड मैथेमेटिक्स डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन के बैनर तले राष्ट्रीय विज्ञान दिवस धूमधाम से मनाया गया। मौके पर मुख्य अतिथि, जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी अजय बल्लभ राय ने कहा- विज्ञान और प्रौद्योगिकी ने हमें आधुनिक सभ्यता की स्थापना के लिए प्रेरित किया है। यह विकास हमारे दैनिक जीवन के लगभग हर पहलू में बहुत योगदान देता है। इसलिए, लोगों को इन परिणामों का आनंद लेने का मौका मिलता है, जो हमारे जीवन को अधिक आराम और आनंददायक बनाते हैं। साइंस ऑर्गनाइजेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जय चन्द्र राज ने रमन प्रभाव के संदर्भ में कहा- रमन प्रभाव में एकल तरंग- दैध्र्य प्रकाश किरणें, जब किसी पारदर्शक माध्यम ठोस, द्रव या गैस से गुजरती है तब इसकी छितराई किरणों का अध्ययन करने पर पता चला कि मूल प्रकाश की किरणों के अलावा स्थिर अंतर पर बहुत कमजोर तीव्रता की किरणें भी उपस्थित होती हैं। इन्हीं किरणों को रमन-किरण भी कहते हैं। ऑर्गनाइजेशन के राष्ट्रीय सचिव डॉ. प्रदीप कुमार सिंह देव ने कहा- भारत में सन् 1986 से प्रतिवर्ष 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है। प्रोफेसर सी.वी. रमन ने सन् 1928 में कोलकाता में इस दिन एक उत्कृष्ट वैज्ञानिक खोज की थी, जो ‘रमन प्रभाव’ के रूप में प्रसिद्ध है। उनकी यह खोज 28 फरवरी 1930 को प्रकाश में आई थी। इस कारण 28 फरवरी राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस कार्य के लिए उनको 1930 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। साइंस फ़ॉर सोसाइटी, देवघर के अध्यक्ष प्रो. रामनन्दन सिंह ने कहा- अगर हम इसके बारे में सोचते हैं, तो विज्ञान और प्रौद्योगिकी के कई लाभ हैं। वे छोटी चीज़ों से लेकर बड़े तक होते हैं। उदाहरण के लिए, सुबह का पेपर जो हम पढ़ते हैं, जो हमें विश्वसनीय जानकारी देता है, वैज्ञानिक प्रगति का परिणाम है। इसके अलावा, बिजली के उपकरण जिनके बिना जीवन की कल्पना करना मुश्किल है जैसे कि रेफ्रिजरेटर, एसी, माइक्रोवेव आदि उन्नत तकनीकी प्रगति का परिणाम है वहीं सचिव सुबोध कुमार झा ने कहा- इस दिवस का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों को विज्ञान के प्रति आकर्षित करना, विज्ञान के क्षेत्र में नए प्रयोगों के लिए प्रेरित करना तथा विज्ञान एवं वैज्ञानिक उपलब्धियों के प्रति सजग बनाना है। इस दिन, विज्ञान संस्थान, प्रयोगशाला, विज्ञान अकादमी, स्कूल, कॉलेज तथा प्रशिक्षण संस्थानों में वैज्ञानिक गतिविधियों से संबंधित प्रोग्रामों का आयोजन किया जाता हैं। रसायनों की आणविक संरचना के अध्ययन में 'रमन प्रभाव' एक प्रभावी साधन है। सेडो साइंस क्लब के समन्वयक देवेन्द्र चरण द्वारी ने कहा- राष्ट्रीय विज्ञान दिवस देश में विज्ञान के निरंतर उन्नति का आह्वान करता है, परमाणु ऊर्जा को लेकर लोगों के मन में कायम भ्रातियों को दूर करना इसका मुख्य उद्देश्य है तथा इसके विकास के द्वारा ही हम समाज के लोगों का जीवन स्तर अधिक से अधिक खुशहाल बना सकते हैं। 

मौके पर अतिथियों के करकमलों से पिछले दिन आयोजित वैज्ञानिक शब्दों को परिभाषित करो, निबंध तथा चित्रांकन प्रतियोगिता के स्थानीय विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। अपने शहर से सांदीपनि पब्लिक स्कूल, संत फ्रांसिस स्कूल, माउंट लिटेरा जी स्कूल, ब्राइट कैरियर स्कूल, एकलव्य पब्लिक स्कूल, माउंट कार्मेल पब्लिक स्कूल, गीता देवी डीएवी पब्लिक स्कूल, भारती विद्यापीठ, मैथ्स वर्ल्ड, देवघर महाविद्यालय, दीनबंधु उच्च विद्यालय, संत अल्फोंसा स्कूल, सुप्रभा शिक्षा स्थली, संत कोलम्बस स्कूल के सैंकड़ों विद्यार्थियों की भागीदारी थी। देवघर संत फ्रांसिस स्कूल की अनुष्का सिंह, डीएवी की आराध्या प्रिया, चैतन्या क्लासेज की नैना गाँधी, सांदीपनि पब्लिक स्कूल की कोमल कुमारी शर्मा, बरखा केशरी, ब्राइट कैरियर स्कूल की आराध्या प्रिया, सुप्रभा शिक्षा स्थली के प्रणव विशाल अपने अपने ग्रुपों में अव्वल रहें। इनके करकमलों से भी कुछ विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में सैंकड़ों विद्यार्थियों की उपस्थिति थी।

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