राष्ट्रीय महिला दिवस पर चलाया नाश मुक्ति अभियान



गोड्डा राष्ट्रीय महिला दिवस पर समाज सुधार मंच के सचिव लतीफ अंसारी महिलाओं को जागरूक करने हेतु पोड़ैयाहाट एवं गोड्डा प्रखण्ड के बाराटांड़,धर्मूडीह कुमरडीह, कोड़ासी एवं चुटियाबथान  जैसे गांवों में डोर टू डोर जागरूकता अभियान चलाया। देश की आजादी में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था और  आजादी के बाद भारतीय संविधान में महिलाओं को पुरुषों के बराबर हक़ दिया। लेकिन आजादी के बाद भारतीय महिलाओं का उत्थान संतोषजनक नहीं है।  क्योंकि  कुछ सामाजिक बुराईयों ने महिलाओं की जिंदगी को नर्क बना दिया है। भले आज वैज्ञानिक युग में भारत  एक ही बार में मंगल ग्रह में अंतरिक्ष यान को कक्षा में प्रवेश कर विश्व को चौंकाया हों। लेकिन आधुनिक विश्व में दहेज प्रथा जैसी बुराई भारतीय समाज के लिए पेरालिसिस जैसी रोग है। हम भारत के आधी आबादी पर अत्याचार कर रहे हैं। बहुत दुःखद   बात है जहां पढ़ें लिखे इस बुराई से बाहर निकलना चाहिए परन्तु उल्टा‌ जितनी विद्वान उतना ही दहेज ज्यादा। आज समाज का कर्णधार डाक्टर, बड़े-बड़े पदाधिकारी  एवं प्रबुद्ध वर्ग जब  इस बुराई से निकल नहीं पा रहा हो जनसामान्य में साहस कहां। शायद इस बुराई का अंत तभी संभव है जब भारतीय महिलाएं शत् प्रतिशत शिक्षित होकर अपने पैरों में खड़े होने लगे। भारतीय राजनीति में आधी भाग महिलाओं को मिलें। हालांकि शत् प्रतिशत महिलाएं यदि शिक्षित हो जाती है तो सब कुछ संभव है। ओर यह सपना तभी पूरा हो सकता है, जब भारतीय समाज ठान लें कि लड़कियों को शत् प्रतिशत शिक्षित करना है।

वर्तमान समय में हमारे समाज में नशाखोरी जैसे बुराई से महिलाओं को काफी कष्ट उठाना पड़ रहा है।आये दिन घरेलू हिंसा एवं बलात्कार जैसी घटनाएं अक्सर शराब पीने के कारण अधिकतर होता है। इस अभियान में  निम्न ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। निलकंठ हजारी, सलिल मंडल,प्रेमकान्त हजारी ,मनोज राय, खुशबू देवी, जयमाला देवी,सुनीता देवी, नजमा बीबी,रितन बीबी, कविता देवी,रत्ना देवी , प्रमोद कुमार, मुन्ना कोड़ा  ,मदन कोड़ा बिजय माल इत्यादि।

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