केवल छोटी सी प्यार की झप्पी वाली हग ही पर्याप्त है : डॉ. प्रदीप



देवघर : साप्ताहिक वैलेंटाइन डे के अंतर्गत 'हग डे' के अवसर पर स्थानीय ओमसत्यम इंस्टीट्यूट ऑफ फ़िल्म, ड्रामा एंड फाइन आर्ट्स के निदेशक डॉ. प्रदीप कुमार सिंह देव ने कहा- हग अर्थात जादू की झप्‍पी। हग का मतलब है गले लगाना या बाहों में भरना। हग डे 12 फ़रवरी के दिन पूरी दुनिया में मनाया जाता है। प्यार करने वालो के लिए बहुत ही खास दिन होता है, क्योंकि इस दिन सभी प्यार करने वाले एक दूसरे को गले लगाते है और उनके प्यार की झप्पी देते है। आज के दिन किसी को गले लगाना बहुत ही खास है। गले लगाना विश्वास और प्‍यार को बढ़ता है। जब हम किसी को गले लगाते है, तो हमारे शरीर में कई हॉर्मोन निकलते हैं, जो हमारे स्वास्थ के लिए अच्छा होता है। ऐसा करने पर जिससे हम प्यार करते है उसके प्रति हमारा प्यार और विश्वास और भी ज्यादा बढ़ जाता है। जब हम हग डे पर अपने प्रेमी की हग करते है, तो उसके प्रति हमारे मन में अथाह प्यार उमड़ता है। अपने खास दोस्त को हग कर रहे है, तो केवल छोटी सी प्यार की झप्पी वाली हग कर सकते है। दोस्तों को हग करना चाहते है, तो हमें उनके साथ साइड हग करना चाहिए। हम अपने दूर के दोस्त या परिवार के कुछ ख़ास लोगो को हग करना चाहते है तो एक फॉर्मल सा साइड हग कर सकते है। जिसमें हमारा कंधा एक दूसरे से टच हो जाता है। हग करते समय प्रेमिक-प्रेमिका एक दूसरे को कहते हैं :

तुझे देखा तो ये जाना सनम, प्यार होता है दीवाना सनम,

अब यहाँ से कहा जाए हम, तेरी बाँहों में मर जाए हम।

एक ही मेरी तमन्ना, एक ही है आरजू,

बाँहों में पनाह में तेरे, सारी जिंदगी गुजर जाये।

जब भी तू अपनी बाहों में लेती है मुझे,

यह जमीं चाँद से बेहतर नजर आती है हमें।

एक बार तो मुझे से सीने लगा ले,

अपने दिल के भी सारे अरमान सजा ले,

कब से है तड़प तुझे अपना बनाने की,

आज तो मौका है मुझे अपने पास बुला ले।

मुझको फिर वही सुहाना नजारा मिल गया,

नज़रों को जो दीदार हरा मिल गया,

और किसी चीज की तमन्ना क्यों करूँ,

जब मुझे तेरी बाँहों में सहारा मिल गया।

कोई कहे इसे जादू की झप्पी, कोई कहे इसे प्यार,

मौका है खूबसूरत, आ गले लग जा मेरे यार।

हमको हमी से चुरा लो, दिल में कही तुम छुपा लो,

हम अकेले हो ने जाये दूर तुमसे, पास आओ गले से लगा लो।

लाखों पल गुजारने हिया यूँ ही मुझको,

तेरी बाँहों में रह कर कभी मेरा दिल नहीं भरता।

लग जा गले से ये रात फिर न आएगी,

किस्मत भी शायद हमको फिर न मिलाएगी,

बाकि है बस चाँद सांसे इस दिल में,

रूह भी न जाने कैसे तेरे बिन रह पाएगी।

देखा है जबसे तुझको मेरा दिल नहीं है बस में,

जी चाहे आज तोड़ दूँ दुनिया की सारी रस्में,

तेरा साथ चाहता हूँ तेरा हाथ चाहता हूँ,

बाँहों में तेरी रहना मैं दिन रात चाहता हूँ।

दिल की एक ही ख्वाहिश है,

धड़कनों की एक ही इच्छा है,

की तुम मुझे अपनी बाहों में पनाह दे दो,

और मैं इनमे खो जाऊँ।

सिर्फ एक बार गले से लगाकर मेरे दिल की धड़कन सुन,

फिर लौटने का इरादा हम तुम पर छोड़ देंगे।

मजबूती से बाहों में इस कदर थाम लूं तुझे,

की मेरे इश्क की कैद से तू चाहकर भी ना छूट सकें

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