सारवां सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में कोरोना जांच में फर्जीवाड़ा



देवघर। बिहार में कोरोना जांच के नाम पर फर्जीवाड़ा की खबर मुख्यमंत्री के संज्ञान में आने के बाद कई पदाधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई के साथ अखबारों की सुर्खियां बटोर रही है कि अचानक झारखण्ड में भी कोरोना जांच में फर्जीवाड़ा का मामला सामने आया है । यदि सही तरीके से जांच हो तो झारखण्ड में भी बिहार से बड़ा फर्जीवाड़ा का मामला सामने आएगा ।हाथी पहाड़ निवासी संजय कुमार सिंह ने उपायुक्त देवघर को आवेदन देकर इस संबंध में जांच कर कार्रवाई की मांग की है ।श्री सिंह ने कहा कि 31/10/20 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सारवां में कुल 938 लोगों का कोरोना जांच हेतु स्वाब लिया गया था ‌ उन्होंने बताया कि सारवां में सेम्पल कलेक्शन हेतु मात्र एक लैब टेक्नीशियन थे वह भी कोरोना पोजीटिव होने के कारण कोरेंटीन में थे , ऐसे में बिना लैब टेक्नीशियन के एक दिन में इतना कलेक्शन संभव नहीं है । वहीं एक एक मोबाइल नंबर पर दर्जनों लोगों का निबंधन कराया गया है और वह सारा नंबर क्षेत्र की सहिया, स्वास्थ्य कर्मियों और उनके संबंधियों का है ।इस तरह टारगेट पूरा करने के लिए फर्जी निबंधन कराया गया है। ज्ञात हो कि उस समय एक जांच पर 1000 -1500 रूप का लागत पड़ता है इस तरह एक दिन में लाखों रुपए के सरकारी राशि का दुरूपयोग किया गया ।ज्ञात हो कि इस संबंध में श्री सिंह के द्वारा दिनांक 06/11/20 को भी उपायुक्त, देवघर को आवेदन देकर जांच कर कार्रवाई की मांग की गई थी लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई ।यदि सही समय पर सही तरीके से जांच हो तो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सारवां में बिहार से भी बड़े फर्जीवाड़ा का खुलासा हो सकता है ।

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