सारठ विधानसभा में जेएमएम दिख रहा है दो फाड़ में पूर्व स्पीकर की अलग राह तो जिला अध्यक्ष की है अलग राह मधुपुर चुनाव पर पड़ सकता है विपरीत प्रभाव



देवघर-झारखण्ड मुक्ति मोर्चा का संगठन सारठ विधानसभा में दो फाड़ में दिख रही है। एक तरफ जिला अध्यक्ष नर्सिंग मुर्मू के साथ प्रखण्ड स्तरीय नेताओं की भीड़ दिख रही है तो दूसरी तरफ़ पूर्व विधानसभा अध्यक्ष शशांक शेखर भोक्ता और उनके पुत्र प्रशांत शेखर अलग मार्ग में चलते दिख रहे है ।वहीं दोनों तरफ से अगल अलग दिन में अलग अलग जगहों पर मीटिंग कर एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप भी निरंतर जारी है।इसी क्रम में पूर्व स्पीकर के तरफ से एक बैठक भी बुलायी गयी थी जिसका जिला अध्यक्ष ने विरोध भी किया है।

वहीं संगठन के वैठक के दौरान जिला अध्यक्ष के खेमें से यह बात निकल कर सामने आ रही है कि पूर्व विधानसभा अध्यक्ष शशांक शेखर भोक्ता संगठन में कार्यकर्ताओं को तहज़ीब नहीं देते हैं जिसके कारण सभी नाराज़ है इसी क्रम में बैठक के दौरान पूर्व विधानसभा प्रत्यासी परिमल सिंह ने कहा कि चुनाव के समय पूर्व स्पीकर के तरफ  से यह बयान आ रहा था कि हेमन्त जी ने टिकट को बेच दिया और पूरे चुनाव के दौरान अपने धुर विरोधी को मदद पहुंचाकर सँगठन के विपरीत कार्य किया।

इन सभी बातों की जानकारी आलाकमान को भी है झारखण्ड मुक्ति मोर्चा कैडर बेस्ड पार्टी है यहां संगठन में अपने आप को सबसे ताकतवर समझना बहुत बड़ी भूल होगी।वहीं अचानक आरजेडी नेता सुरेंद्र रवानी के संगठन में शामिल होनें बाद से ही राजनीतिक गलियों में ख़ुसूर फुसुर भी जारी है।

वहीं सूत्रों की मानें तो सारठ विधानसभा में पार्टी के दो खेमा में बटनें का दूरगामी परिणाम मधुपुर विधानसभा उप चुनाव में देखने को मिल सकता है बहरहाल अब देखना मज़ेदार होगा वर्तमान में जितने अनुभवी नेताओं का जमावड़ा पार्टी में हो रहा है 24 के चुनाव में टिकट को लेकर भी थोड़ी बहुत खींचा तानी की उम्मीद है।

वहीं जिला के पार्टी के वरिय पदाधिकारीयों की मानें तो इस मामले को स्वयं आलाकमान देख रहे हैं हम सभी लोगों ने प्रयास कर विते 2 फरवरी को एक मंच पर सभी को लाया था किंतु पुनः इस तरह की घटना दुःखद है।अब देखना होगा पूरे खेल में आलाकमान रेफरी की भूमिका में खेल को सम्मान के साथ सम्हालते हैं या किसी को देती है रेड कार्ड।

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