जसीडीह रेलवे स्टेशन से बिहार जाता है जावा महुआ होती है रेलवे को हजार रुपयों की क्षति



आसनसोल मंडल रेल की मॉडल रेलवे स्टेशन जसीडीह इन दिनों महुआ माफियाओं का सेफ जोन बना है। स्टेशन पर एक्सप्रेस एवं पैसेंजर ट्रेनों के रुकने के साथ ही महिला महुआ व्यापारियों   ताबड़तोड़ ट्रेन की डिब्बों में महुआ चढ़ते है ।जिसे बिहार के झाझा गिद्धौर जमुई लखीसराय आदि स्टेशनों पर उतारा जाता है। प्रतिदिन 15 से 20 क्विंटल अनबुक ट्रेनों के द्वारा भेजा जाता है ।जिससे रेलवे के हजारों रुपयों की क्षति होती है ।इधर आरपीएफ और जीआरपी द्वारा प्रति महुआ माफिया से ₹100 की वसूली  किया जाता  है जिस वजह से स्टेशन क्षेत्र के बाहर दर्जनों की संख्या में महुआ का दुकान खुला है इस धंधा के चलते रहने से फल फूल रहा है। यह धंधा महीनों से चल रहा है महुआ ट्रेनों में लोड होने से रेल यात्रियों को सफर करने के दौरान काफी  फजीहत होती है। रेल यात्रियों द्वारा शिकायत होने के बाद भी किसी भी तरह का कानूनी कार्रवाई नहीं किया जाता है। इस धंधा से महुआ कारोबारी ही नहीं प्रशासनिक पदाधिकारी भी मालो माल हो रहे हैं। वही रेलवे को हजारों रुपयों की क्षति हो रही है।

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