पालोजोरी प्रखंड मुख्यालय में बिचौलियों का बोलबाला



पालोजोरी :- पालोजोरी प्रखंड मुख्यालय में चल रहे मनरेगा आदि कार्यो को लेकर यहां के लोगों में काफी गहरा रोष देखने को मिल रहा है। बताया जाता है की पालोजोरी प्रखंड मुख्यालय के सभी पंचायतों में चल रहे मनरेगा कार्यो को लेकर प्रखंड के लोगों ने अपनी नाराज़गी ज़ाहिर की साथ ही उन्होंने कहा की पंचायत में चल रहे मनरेगा आदि कार्यो की गुणवत्ता की जांच पड़ताल की जानी चाहिए। वहीं उन्होंने इस विषय पर चर्चा करते हुए कहा की सरकार हर कार्यो को धरातल पर देने की बात तो कहती हैं। लेकिन उनके काम को कोई और ही करने लग जाते हैं। मनरेगा जैसे कार्यो में तो जॉब कार्ड के आधार पर काम तो कराया जाता है। लेकिन काम करने वाले मजदूरों की सूची में उन मजदूरों को लेकर ही कार्य को दिखाया जाता है। जो कभी जीवन में मजदुरी किया ही नहीं है।वो मजदुरी क्या करेंगे। जो मजदूर को मजदूरी मिलना चाहिए उन्होंने तो आज के आधुनिक दौर के मशीनरी यंत्रों से उन्हें उनके कार्यो से उन्हें कोसों दूर रखा जाता है। वहीं लोगों का कहना है की जब मजदूरों को जॉब कार्ड के आधार पर काम ही नहीं मिल पा रहा है तो सरकार ऐसी नीति क्यों बनाती है। जॉब कार्ड के आड़ में सरकारी तंत्र व बिचौलिया की मिलीभगत से सरकारी कार्यों को गलत तरीके से कराये जाते हैं।साथ ही प्रखंड मुख्यालयों में सरकारी योजनाओं में बिचौलियों का बोलबाला भी काफी देखने को मिल रहा है। जहां झारखण्ड में त्रिस्तरीय पंचायती राज को लेकर लोगों में एक नई आशा की किरण दिखाई देने की संभावना हुई। लोगों में आशा जगी की अब पहले जैसे दलालों के चक्कर में ना पड़ कर हमारे सरकार के कार्यो को धरातल पर लाने की हरसंभव प्रयास किये जायेंगे। वो सपना धरा का धरा ही रह गया।‌ ओर गरीबों की मजबूरी का फायदा सरकारी तंत्र व बिचौलिया उठाते रहे। रही बात वर्तमान में चल रहे पीएम आवास योजना को मुखिया से लेकर बिचौलिया गरीबों का खून चूसते रहे। गरीब होना एक अभिशाप से कम नहीं है।

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