राष्ट्रीय कृमी अभियान को सफल बनाने में आप सभी जिलावासियों का सहयोग आपेक्षितः-उपायुक्त



उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी  मंजूनाथ भजंत्री ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि जिले में वृहत स्तर पर आगामी दिनांक 10.02.2021 से 20.02.2021 फरवरी तक राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान चलाया जाना है। जिसके तहत 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों किशोर किशोरियों को सहिया एवं शहरी क्षेत्र में आंगनबाड़ी सेविका द्वारा घर-घर जा कर एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जाएगी। ऐसे में अभियान के शत प्रतिशत सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संबंधित विभाग के अधिकारियों व कर्मियों को आवश्यक व उचित दिशा निर्देश दिया गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा संख्या में 1-19 वर्ष तक के बच्चे व बच्चियों को एलबेंडाजोल की दवा खिलाई जा सकें। साथ हीं सहिया एवं आंगनबाड़ी सेविकाए को भी निदेशित किया गया है कि सभी बच्चों को कृमिमुक्ति की दवा (अल्बेण्डाजोल) स्वयं खिलाना सुनिश्चित करेंगी, साथ ही आईएफए संपूरण यथा-आईएफए सिरप, आईएफए गुलाबी गोली तथा आईएफए नीली गोली भी वितरित करेंगे।

इसके अलावे उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री द्वारा अल्बेण्डाजोल की खुराक के बारे में जानकारी देते हुए कहा गया की 1 से 2 वर्ष तक के बच्चे अल्बेण्डाजोल की आधी गोली को पूरी तरह चम्मच से चूर कर, स्वच्छ पानी में मिलाकर ही चम्मच से पिलाना है, 2 से 3 वर्ष तक के बच्चे पूरी 1 गोली (चूरकर पानी के साथ) और 3 से 19 वर्ष तक के बच्चे पूरी 1 गोली (चबाकर पानी के साथ) खांए। 

ऐसे में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम के दौरान कोविड-19 हेतु जारी किये गये सभी प्रोटोकॉल/दिशा-निर्देशों जैसे सामाजिक दूरी, मास्क, ग्लब्स का उपयोग, व्यक्तिगत स्वछता इत्यादि का पालन करना सुनिश्चित करेंगी। यदि किसी घर में कोविड-19 मरीज के होने की वजह से उस घर के बच्चे को दवा नहीं खिलाई जा सकी हो तो वैसे घरों के बच्चों को कोविड-19 मरीज के संक्रमण मुक्त होने के पश्चात दवा खिलाई जाएगी। आम तौर पर यह देखा गया है की कृमि संक्रमण का बच्चों के स्वास्थ्य और उनके समग्र विकास पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ सकता है। भारत में कृमि संक्रमण एक जन स्वास्थ्य के समस्या के रूप में उभर रहा है। डब्ल्यू.एच.ओ. के अनुमानुसार भारत में 1 से 14 साल तक की उम्र के 22 करोड़ से भी अधिक बच्चों को कृमि संक्रमण का खतरा है। साथ ही डब्ल्यू.एच.ओ. की घोषणा के अनुसार विश्व में भारत उन देशों में से एक है जहाँ कृमि संक्रमण और इससे संबन्धि रोग सबसे अधिक पाए जाते हैं। कृमि संक्रमण की रोकथाम के लिए एल्बेंडाजॉल (400 मि.ग्रा) दवाई का सेवन एक सुरक्षित, लाभदायक एवं प्रभावी उपाय है जो साक्ष्य आधारित और वैश्विक स्तर पर स्वीकृत है। 

कृमि नियंत्रण की दवाई सभी के लिए सुरक्षित है, किन्तु गंभीर कृमि संक्रमण वाले बच्चों में यह दवाई खाने पर कुछ मामूली प्रतिकूल घटना (साइड इफेक्ट्स ) हो सकते हैं जैसे कि जी मिचलाना, पेट में हल्का दर्द, उल्टी, दस्त, और थकान आदी। किसी भी तरह कि प्रतिकूल घटना प्रबंधन हेतु राज्य सरकार ने 104 (स्वास्थ्य हेल्प लाइन सेवा) तथा 108 (एम्ब्युलेन्स) के साथ-साथ सभी ब्लॉक/जिला में आपातकालीन चिकित्सा टीम भी तैयार रखा है ।

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