पारदर्शी तरीके से छात्रवृत्ति योजना का लाभ बच्चों को दिया जाए:- उपायुक्त



उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में कल्याण विभाग द्वारा संचालित प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना की समीक्षा बैठक का आयोजन समाहरणालय सभागार में किया गया। साथ हीं वित्तीय वर्ष 2020-21 में प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाले विद्यालयों से प्राप्त कक्षावार एवं छात्रवार निर्गत छात्रवृत्ति की सूची की अद्यतन स्थिति से अवगत हुए।

इसके अलावे बैठक के दौरान उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री द्वारा जिला शिक्षा अधीक्षक एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी को निदेशित किया कि कल्याण विभाग द्वारा उपलब्ध कराये गये सूची का मिलान कर यह सुनिश्चित करें कि सभी विद्यालयों का नाम सूची में समाहित है। यदि शैक्षणिक सत्र 2020-21 में किसी पात्र विद्यालयों का नाम छूट गया है तो उसके संबंध में अलग से प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जाए। साथ हीं किसी अयोग्य संस्थान अथवा फर्जी संस्थान के नाम पर राशि की निकासी की गई है, तो उसकी यथोचित जाँच करते हुए विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए एवं विभाग को भी प्रतिवेदित किया जाए।

समीक्षा के क्रम में उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री द्वारा संबंधित अधिकारियों को निदेशित किया कि शिक्षा विभाग को कल्याण विभाग के द्वारा उपलब्ध कराई गयी सूची के आधार पर यह समीक्षा कर ली जाए कि वित्तीय वर्ष 2020-21 में प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति (कक्षा 01 से 10 तक) के सभी योग्य छात्र/छात्राओं को छात्रवृत्ति का भुगतान करने का निदेश दिया गया है। इसके अलावे उपायुक्त ने समीक्षा के क्रम में देवघर से 09, देवीपुर से 04, करौं से 21, मारगोमुण्डा से 29, मोहनपुर से 05, पालोजोरी से 08 एवं सारठ से 55 विद्यालयों की अप्राप्त सूची को संज्ञान में लेते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी/जिला शिक्षा अधीक्षक को निदेश दिया कि प्रधानाध्यापक/प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी के हस्ताक्षर एवं मोहर के एक सप्ताह के अंदर सभी पात्र विद्यालय के अर्हताधारी छात्रों की सूची जिला कल्याण पदाधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। साथ ही सूची पर यह प्रमाण-पत्र भी प्रधानाध्यापक एवं प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारियों द्वारा अंकित किया जाए कि संबंधित विद्यालय के सभी योग्य छात्रों का नाम उक्त सूची में सम्मिलित है और किसी अयोग्य छात्र का नाम सूची में सम्मिलित नहीं है। साथ हीं उपायुक्त ने जिला कल्याण पदाधिकारी को निदेशित किया कि कुल 132 छुटे हुऐ विद्यालय की सूची प्राप्त कर अविलम्ब जिला शिक्षा अधीक्षक देवघर से प्रतिहस्ताक्षर प्राप्त कर ससमय अग्रेतर कार्रवाई करना सुनिश्चित करें।

इसके अलावा उपायुक्त द्वारा अग्रणी बैंक प्रबंधक, प्रधानाध्यापक, प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी एवं प्रखंड कल्याण पदाधिकारी को निदेशित किया कि वित्तीय वर्ष 2020-21 में जितने भी खाता संख्या से आधार संख्या की सीडिंग/मैपिंग नहीं हो पाया है, उन सभी छात्रों का आधार बनवाना, खाता संख्या से सीडिंग/मैपिंग आदि कार्यो का क्रियान्वयन आपसी समन्वय स्थापित कर करना सुनिश्चित करें, ताकि वित्तीय वर्ष 2020-21 में शत प्रतिशत छात्रों को छात्रवृत्ति का भुगतान DBT/PFMS के माध्यम से कराया जा सकें। साथ हीं उपायुक्त ने जिला कल्याण पदाधिकारी को निदेशित किया कि दिनांक-15.02.2021 तक सभी योग्य छात्रों को डाटा को ई-कल्याण पोर्टल पर अपलोड करते हुए आधार आधारित DBT/PFMS के माध्यम से प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के भुगतान की कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए उपायुक्त कार्यालय को अवगत करायेंगे।

इस दौरान उपरोक्त के अलावे जिला कल्याण पदाधिकारी सुश्री मीनाक्षी भगत, जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी एबी राॅय, जिला शिक्षा पदाधिकारी  माधुरी कुमारी, जिला शिक्षा अधीक्षक बिना कुमारी के साथ-साथ संबंधित विभाग के अधिकारी आदि उपस्थित थे।

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