मुख्यमंत्री द्वारा निशिकांत दुवे पर दायर मानहानि की सुनवाई होगी 26 फ़रवरी को अपमान जनक टिप्पणी पर लगे प्रतिवंध



देवघर-मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन द्वारा गोड्डा सांसद निशिकांत दुवे पर दायर मानहानि मामले की सुनवायी 26 फ़रवरी को होगी।

प्रथम अवर न्यायधीश वैशाली श्रीवास्तव की कोर्ट में बुधवार को इस मामले के एक और आरोपी फेसबुक की ओर से आवेदन दाखिल कर अनुरोध किया गया है की उनके ख़िलाफ मानहानी का मामला नहीं बनता है इस लिए उनका नाम केस से हटा दीया जाए।

फेसबुक के वकील ने अपने अनुरोध के पक्ष में तर्क देते हुए कहा कि फेसबुक एक शोसल मीडिया साईट है और पब्लिक के लिए यह एक खुला मंच है इस पर कोई भी व्यक्ति वहीं तथ्य डालते हैं जो सभी के बीच आम है। सोशल साइट पर किसी को भी कुछ कहने की अपनी स्वतंत्रता है इस लिए इस मामले में भी उनके ख़िलाफ़ मानहानि का आरोप नहीं बनता है।

वहीं फेसबुक का पक्ष सुनने के बाद अदालत ने वादी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए 26 फरवरी तक का समय दिया है।

ज्ञात हो कि सीएम की ओर से पहले से अदालत में इंजंक्शन पिटीशन दाखिल कर आग्रह किया है कि सांसद निशिकांत दुवे को भविष्य में उनके ख़िलाफ़ अपमान जनक टिपणी करने से प्रतिवंध किया जाए।सीएम हेमन्त सोरेन की ओर से निशिकांत दुवे के अलावा सोशल मीडिया साइट फेसबुक और ट्यूटर के खिलाफ 100 करोड़ रुपये के मानहानि का मुकदमा दर्ज  कराया गया है।इस मामले में भी सोशल मीडिया साइट ट्विटर को अपना पक्ष रखना बाकी है।

पिछले 4 अगस्त को करवाया गया था मुकदमा----

पिछले वर्ष जून जुलाई में मुंबई के एक कोर्ट ने एक मॉडल द्वारा हेमन्त सोरेन पर लगाये गए दुष्कर्म के आरोप में आदेश जारी किया था।जिसको आधार बनाकर सांसद ने सोशल मीडिया पर सीएम के ख़िलाफ़ टिपणी किया था।

जिसेआधार बनाकर सांसद ने सोशल मीडिया पर सीएम के ख़िलाफ़ टिप्पणी की थी।जिसे मानहानि का मामला मानते हुए सीएम ने 4 अगस्त  2020 को निशिकांत दुवे के अलावा फेसबुक व ट्विटर पर मानहानि का केस किया था।

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