* भीम सेना के द्वारा भारत की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई ज्योतिराव फुले का तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर जयंती मनाई गई!



मधुपुर शहर के बेलपाड़ा स्थित कोर्ट मोड़ के डॉ भीमराव अम्बेडकर  प्रतिमा के समक्ष रविवार को बिरसा भीम सेना के तत्वाधान में भारत की प्रथम महिला शिक्षिका सावत्रीबाई ज्योतिराव फुले का जयन्ती तस्वीर पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित कर मनाया गया।इस मौके पर बिरसा भीम सेना के अध्यक्ष मुकेश कुमार ने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने सर्व समाज की महिलाओं की शिक्षा के लिए कार्य किया है।वह भारत की पहली महिला शिक्षिका हैं।उन्हीं के योगदान से भारत में महिलाओं को उच्च पदों पर पहुंचने की प्रेरणा मिली।साल 1848 में सावित्रीबाई फुले स्कूल में पढ़ाने के लिए जाती थीं। उस दौरान सावित्रीबाई फुले दो साड़ियों के साथ स्कूल जाती थीं, एक पहनकर और एक झोले में रखकर। जी दरअसल रास्ते में जो लोग रहते थे उनका मानना था कि शूद्र-अति शूद्र को पढ़ने का अधिकार नहीं है। इसी वजह से रास्ते में सावित्रीबाई पर गोबर फेंका जाता था, और ऐसा होने से उनकी पहली साड़ी गन्दी हो जाती थी। वहां से निकलने के बाद स्कूल पहुंचकर सावित्रीबाई दूसरी साड़ी को पहनती थी और फिर बच्चों को पढ़ाती थी। अंत में एक ऐसा समय आया जब उन्होंने खुद के स्कूल खोलना शुरू कर दिए और दलित बच्चियों को शिक्षित करना शुरू कर दिया। उनके कामों की जितनी तारीफ़ की जाए कम है।इस मौके पर आजसू छात्र संघ जिला अध्यक्ष विक्की मेहरा,प्रखंड अध्यक्ष तुलसी दास, संतोष कुमार,विक्रम कुमार,इंद्रजीत कुमार,संजय दास, शिवनाथ दास आदि मौजूद थे!

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