स्वास्थ्य सचिव के बयानबाजी पर चिकित्सकों ने काला बिल्ला लगा कर जताया विरोध





साहिबगंज संवाददाता:-- रांची के नामकुम आईपीएच सभागार में चिकित्सकों के नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में स्वास्थ्य सचिव डॉ नितिन कुलकर्णी ने कहा था कि डॉक्टरी पेशे में आधे लोग इसलिए आते हैं कि काम न करना पड़े और आधे इसलिए आते हैं कि शादी में दहेज बढ़ जाए। स्वास्थ्य सचिव के इस बयानबाजी से चिकित्सा जगत में भारी रोष हैं। हदीस बयान बाजी के विरोध में गुरुवार को सदर अस्पताल के सभी चिकित्सकों ने काला बिल्ला लगाकर कार्य करते हुए विरोध प्रकट किया ।वहीं झासा व आईएमए ने भी इसका कड़ा विरोध किया है। साथ ही झासा के प्रमंडलीय उपाध्यक्ष सह आईएमए सचिव डॉ मोहन पासवान ने प्रकट करते हुए कहा कि स्वास्थ विभाग के लिए यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि स्वास्थ्य विभाग के स्वास्थ्य सचिव का इस तरह का बयान बाजी आता हैं जबकि वह खुद भी एक डॉक्टर है। अगर सचिव इस तरह का बयान बाजी करते हैं तो यह बयान बाजी उन पर भी लागू होता है।स्वस्थ्य सचिव का बयान दुर्भाग्य पूर्ण हैं। डॉ मोहन ने पलटवार कर कहा कि स्वास्थ्य सचिव खुद डॉक्टर हैं तो उनका ये बयान उनके लिए भी होना चाहिए। उन्हें बेतुकी बातें कहने से पहले सोंचना चाहिए था।

चिकित्सक इस पेशे में सेवा भाव की भावना से आते हैं। कोरोना संक्रमण में चिकित्सकों ने अपनी जान की परवाह किये बिना इसे साबित किया है। डॉ मोहन से कहा कि स्वास्थ्य सचिव अपने बयान को वापस लेते हुए सभी चिकित्सकों से माफी मांगें। नहीं तो झासा व आईएमए उनके खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन चलाएगा। 

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