मधुपुर राहुल अध्ययन केंद्र मैं महात्मा गांधी की पुण्यतिथि व महाकवि जयशंकर प्रसाद की जयंती मनाई गई



मधुपु 30 जनवरी राहुल अध्ययन केंद्र  में राष्ट्पिता महात्मा गाँधी की शहादत दिवस व महाकवि जयशंकर प्रसाद की जयन्ती पर दोनों विभुतियों को  याद किया गया। दोनो विभुतियों की तस्वीर पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किया गय।मौके पर केन्द्र के संरक्षक व कलमकार धनंजय प्रसाद ने विस्तार पूर्वक चर्चा करते हुये कहा कि आज के दिन ही देश ने राष्टपिता को खो दिया।जिन्होने सत्य व अहिंसा को हथियार बनाकर आजादी की लड़ाई लड़ी  उनका संघर्ष का साधन था सत्याग्रहआजजु आन्दोलन । जिन शक्तियो ने उनकी हत्या की वही शक्तियों आज उनकी नीतियों और विचारों को नकारने में लगी है। आज सामाजिक,राजनीतिक व व्यवस्थागत स्वरुप बिल्कुल ही बदल गया है।अब सबका अपराधिकरण हो गया है । गलत लोगों का वर्चस्व हर जगह कायम है । आज गाँधी के राह पर चलने वालों का बहुत ही बुरा हाल है । साजिश के तहत गाँधी के सुविचार का खात्मा किया जा रहा है । गाँधी आज होते तो शायर मौजूदा स्थिति पर आन्दोलित जरुर होते । आज गाँधी के विचार को बचना ही गाँधी की सच्ची श्रद्धांजलि होगी । उन्होने कहा कि महाकवि जयशंकर प्रसाद छायावाद के एक मजबुत स्तम्भ थे । वे कवि , नाटककार , उपन्यासकार , निबंधकार , आदि बहुमुखी प्रतिभासम्पन्न व्यक्ति थे । इसके अलावे अन्य कई लोगों ने श्रद्धासुमन अर्पित किये ।

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