भागवत कथा से इलाके का माहौल भक्तिमय



सारठ : सारठ में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा से इलाके का माहौल भक्तिमय बना हुआ है। बताते चलें कि 29 जनवरी से 4 अप्रैल तक चलने वाले इस आध्यत्मिक संगीतमय भागवत कथा का श्रवण करने प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। जहां परम् पूज्य उज्ज्वल शाण्डिल्य जी महाराज द्वारा कथा के दूसरे दिन राम अवतार व कृष्ण अवतार की बखान करते हुए कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म का नाश हुआ है और धर्म पर संकट आया है, हर बार भगवान ने अवतार लिया है। धर्म की स्थापना करने और पापियों का सर्वनाश करने के लिए ही भगवान किसी न किसी रूप में प्रकट होते है। कहा कि हमारी भारत भूमि धार्मिक और अद्भुत भूमि है। भगवान सिर्फ भारत की भूमि पर ही अवतरित हुए है। ये कर्म भूमि है जहाँ भगवान को प्राप्त कर सकते हैं। इस भूमि पर प्रगट होने के लिए भगवान भी तरसते है। सत्संग की महिमा का बखान करते हुए कहा कि जब तक जीवन मे भक्ति नहीं है शांति कभी नहीं मिल सकती है। भक्ति में ही सर्वस्व शक्ति है। कहा कि जो मनुष्य भगवान पर आश्रित हो जाते है भगवान उन्हें आश्रय देते है। शाण्डिल्य जी महाराज ने कहा कि लोग शांति के लिए यहां-वहां भटकते है। लेकिन जब तक उनके व्यवहार व आचरण से उनके घर वाले, माता-पिता प्रसन्न नहीं होंगे शांति नहीं मिलेगी। जिस घर नारी का सम्मान होता है, गो माता की पूजा होती है, संतों का आदर होता है वहां सारे देवता विराजमान होते है। उन्हें शान्ति के लिए कहीं भटकना नहीं पड़ता। कर्म ही मनुष्य को महान बनाता है। श्रीमद भागवत गीता में श्रीकृष्ण ने कहा है कि मनुष्य जैसा कर्म करेगा वैसा ही फल मिलेगा। मनुष्य को कभी भी ये नहीं भूलना चाहिए कि हम जो भी अच्छा-बुरा कर्म करेंगे उसका फल हमें अकेले भोगना पड़ेगा। इसलिए मनुष्य को हमेशा अच्छा कर्म करना चाहिए। सुख और दुख कर्म पर ही निर्धारित है। कथा के दौरान बीच-बीच मे भक्तिमय संगीत के रसधार को ग्रहण करके स्रोता भी उत्साहित हो रहे हैं। कार्यक्रम को सफल बनाने में विधायक रंधीर सिंह, राजद नेता सुरेंद्र रवानी, समिति के पवन कुमार सिन्हा, भोपाल प्रसाद, वृंदावन से आये नीरज गौतम, रामदास, छोटू सिंह, केटु झा, राजेश राजहंस समेत अन्य लगे हुए है।

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